
गोगुंदा – क्षेत्र के सुदूर उण्डीथल गांव में भगवान मेरा बावजी के स्थान पर परंपरागत रूप से खेखरा के दिन भरने वाला मेला इस बार 22 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। मेले के संयोजक एवं पूर्व पंचायत समिति सदस्य अमराराम गमेती ने बताया कि वर्षों से मेरा बावजी के स्थान पर परंपरागत रूप से मेला दीपावली के दूसरे दिन खेखरा पर आयोजित किया जाता है। गोगुंदा एवं झाडोल तहसील के बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला -पुरूष इस मेले में शामिल होते हैं। मेले में कई तरह की दुकानें लगती हैं लोगों के मनोरंजन के लिए झूले – चकरी लगते हैं। उन्होंने बताया कि मेरा बावजी एक ठाकुर जी का प्रतिरूप माना जाता हैं। जिस तरह से श्रीनाथजी में नाथद्वारा में खेखरा पर्व मनाया जाता है। गायों का श्रृंगार किया जाता है और उन्हें खेलाया जाता है। अन्नकूट लूटा जाता है,उसी का प्रतिरूप यहां पर भी देखने को मिलता है। ठाकुर जी की ऊंट पर सवारी निकाली जाती है।
ग्राम पंचायत की उप-सरपंच ललिता गमेती ने बताया कि इस वर्ष यह मेला 22 अक्टूबर बुधवार कोे आयोजित किया जाएगा। मेले में पुलिस प्रशासन की पूरी व्यवस्था प्रतिवर्ष रहती हैं ताकि किसी प्रकार की अशांति पैदा ना हो और सभी मनोरंजन का आनंद ले सके।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





