गोगुंदा – सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में बुजुर्ग दंपती लहरीलाल पालीवाल और राधाबाई की सनसनीखेज हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, वारदात के पीछे लूट की साजिश थी और इसका मुख्य सूत्रधार मृतक दंपती का पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल निकला। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर करीब डेढ़ साल पहले से वारदात की योजना बनानी शुरू कर दी थी। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक वांछित आरोपी की तलाश में पुलिस टीम गुजरात भेजी गई है।
पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन ने बताया कि कुशल पालीवाल को जानकारी थी कि लहरीलाल लोगों को रुपए उधार देते थे और उनके पास नकदी व जेवरात हो सकते हैं। मुख्य आरोपी अच्छी लाइफस्टाइल जीने का शौकीन था और लोगों व बैंकों से लिए गए कर्ज के चलते आर्थिक परेशानी में था। जल्द पैसा कमाने की चाहत में उसने दंपती के घर को निशाना बनाने की योजना बनाई।
12 अगस्त को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
मामले में मृतक के भाई शंकरलाल पालीवाल ने 12 अगस्त को सायरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके बड़े भाई लहरीलाल और भाभी राधाबाई घर पर नहीं मिले। घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था और दोनों के मोबाइल फोन भी बंद थे। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। इसके दो दिन बाद 14 अगस्त को दंपती के शव उनके ही घर के अंदर लोहे के बड़े संदूक (मजु) से बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में पैक कर कार्टन टेप से बांधा गया था और बिस्तरों के नीचे छिपाया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एफएसएल टीम, एमओबी, डॉग स्क्वॉड और चल मोबाइल अनुसंधान इकाई को बुलाया गया। टीमों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
कई महीने पहले शुरू कर दी थी घर की रैकी
पुलिस जांच में सामने आया कि कुशल पालीवाल ने अपने साथी चंदन यादव के साथ कई महीने पहले पुनावली पहुंचकर दंपती के घर और उनकी दिनचर्या की रैकी की थी। इसके बाद सूरत में रहने वाले विकास खरवड़ और दिलीप चौधरी को साजिश में शामिल किया गया। पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त को आरोपी चंदन की कार से पुनावली पहुंचे। इसके बाद आरोपियों ने होटल में रुककर वारदात की तैयारी की। कुशल ने गांव के ही किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल को भी अपने साथ शामिल कर लिया और दोनों से दंपती के घर तथा उनकी दिनचर्या से जुड़ी जानकारी ली।
पड़ोसी होने का फायदा उठाकर घर में घुसा कुशल
पुलिस के मुताबिक 10 अगस्त को कुशल और चंदन दंपती के घर पहुंचे। पड़ोसी होने के कारण राधाबाई ने दोनों को घर में प्रवेश दिया और खाना भी खिलाया। दोनों ने वारदात के लिए मौका तलाशा, लेकिन घर के आसपास लोगों की आवाजाही होने के कारण उस दिन वारदात नहीं कर सके। इसी दौरान कुशल घर में रखी हथौड़ी अपने साथ ले गया। अगले दिन दोनों दोबारा घर पहुंचे, लेकिन दरवाजा बंद होने के कारण वापस लौट गए। इसके बाद आरोपियों ने रात में घर में घुसने की योजना बनाई।
बातचीत में उलझाया, बाथरूम में छिप गया आरोपी
पुलिस के अनुसार, किशन और जीवन किसी बहाने से दंपती के घर पहुंचे। राधाबाई ने दोनों के लिए दरवाजा खोला। दोनों ने बातचीत में उनका ध्यान भटकाया और मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया। इसी दौरान कुशल घर के अंदर बाथरूम में जाकर छिप गया।
किशन और जीवन के वहां से जाने के बाद कुशल ने अपने अन्य साथियों को घर के अंदर बुला लिया। इसके बाद सभी आरोपी दंपती के सोने का इंतजार करने लगे।
सोते समय हथौड़ी से हमला, फिर राधाबाई की हत्या
पुलिस के मुताबिक, रात में दंपती के सो जाने के बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। कुशल ने सो रहे लहरीलाल के सिर पर हथौड़ी से वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने घटनास्थल की सफाई की।
सुबह राधाबाई के उठकर नहाने जाने के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर उनका मुंह दबाया और गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में पैक किया गया और कार्टन टेप से बांध दिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दोनों शवों को लोहे के बड़े संदूक (मजु) में रखकर बिस्तरों के नीचे छिपा दिया। दंपती की चप्पलें भी हटा दी गईं, ताकि पहली नजर में ऐसा लगे कि दोनों कहीं बाहर गए हैं।
नकदी-जेवर और मोबाइल ले गए, पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, आरोपी घर से नकदी, जेवरात, दोनों मृतकों के मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल हथौड़ी अपने साथ ले गए। पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतकों के मोबाइल फोन रास्ते में हाईवे के पास फेंक दिए गए और उन्हें स्विच ऑन कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने इस तरह जांच को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश की।
लग्जरी लाइफ और कर्ज ने रची साजिश की नींव
एसपी अमृता दुहन के अनुसार, मुख्य आरोपी कुशल पालीवाल अच्छी लाइफस्टाइल जीने का शौकीन था। वह फिटनेस के लिए जिम जाता था, जहां उसकी मुलाकात चंदन यादव और दिलीप चौधरी से हुई। धीरे-धीरे तीनों के बीच दोस्ती गहरी हो गई और वे लगातार संपर्क में रहे।
पुलिस के मुताबिक कुशल पर लोगों और बैंकों का कर्ज था और वह समय पर कर्ज नहीं चुका पा रहा था। आर्थिक तंगी और जल्द पैसा कमाने की चाहत में उसने दंपती के घर लूट की योजना बनाई। लेकिन लूट की यह साजिश देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड में बदल गई।
पांच आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश में गुजरात गई टीम
पुलिस ने मामले में कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26), निवासी पुनावली हाल सूरत; चंदन यादव (27), निवासी बिहार हाल सूरत; दिलीप चौधरी (30), निवासी उत्तर प्रदेश हाल सूरत; किशन पालीवाल (21), निवासी पुनावली और जीवन पालीवाल (21), निवासी पुनावली’’ को गिरफ्तार किया है।
वहीं, मामले में वांछित आरोपी विकास सिंह खरवड़ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गुजरात भेजी गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस की ओर से पूछताछ और आगे का अनुसंधान जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि भी आई सामने
- मुख्य साजिशकर्ता कुशल पालीवाल सूरत की एक साड़ी कंपनी में नौकरी करता है और उसे करीब 35 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता है। उसके पिता मांगीलाल पालीवाल सूरत में डेयरी और किराना व्यवसाय करते हैं।
- वहीं, किशन पालीवाल गांव में ही रहता था और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। बताया गया कि वह पढ़ाई में अच्छा रहा है। उसके पिता देवीलाल पालीवाल गांव के समीप चाय की होटल चलाते हैं।
- आरोपी जीवन पालीवाल सायरा, पदराड़ा और देवला क्षेत्र में दूध संग्रहण का व्यवसाय करता था। उसके पिता भी दूध संग्रहण का काम करते हैं।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
हत्याकांड के खुलासे में गिर्वा वृत्ताधिकारी छगन पुरोहित, साइबर सेल राजसमंद, साइबर सेल उदयपुर, सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत, गोगुंदा थानाधिकारी प्रवीण सिंह राजपुरोहित, पु.नि. प्रभारी भरत योगी, गोवर्धन विलास थानाधिकारी सुनील चारण, उप निरीक्षक जिला साइबर सेल राजसमंद फैलीराम, बेकरीया थानाधिकारी रामावतार मीणा, सायरा थाना एएसआई राजेंद्र सिंह, गजराज सिंह, भंवर सिंह, विक्रम सिंह, अखिलेश, गणपतनाथ, धर्मवीर, भरत सिंह, हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, रामदयाल, चरणसिंह, नरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, श्रवण, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, जितेंद्र सिंह, कमलेश, रूपाराम, पुष्पराज सिंह, वीरेंद्र, नरपतराम, लोकेन्द्र सिंह, हस्तीराम, लोकेश, धर्मेंद्र कुमार, ओमप्रकाश, वीरेंद्र सिंह, सुमित, सुमेर सिंह, निंबाराम, शिंभुराम सहित अचलाराम’’ की अहम भूमिका रही।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर लूटे गए नकदी-जेवरात, वारदात में इस्तेमाल हथौड़ी और अन्य सामान की बरामदगी तथा फरार आरोपी विकास खरवड़ की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





