
गोगुंदा – शनिवार देर शाम को कस्बे के राजतिलक स्थली पर भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। दीपों की रोशनी के साथ बिरसा मुंडा भगवान,महाराणा प्रताप और भीलू राणा के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व उप प्रधान पप्पू राणा भील ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिरसा मुंडा ने हमेशा आदिवासी समाज को जागरूक रहने, एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर खड़े होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज भी उनके “जल, जंगल, जमीन” की रक्षा का सिद्धांत समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यदि आज बिरसा मुंडा होते, तो वे समाज को शिक्षा अपनाने, नशे से दूर रहने, अपनी संस्कृति-संस्कारों को संभालने और समाज में एकजुटता बनाए रखने का संदेश देते। भगवान बिरसा मुंडा ने धर्मांतरण के खिलाफ लड़ाई लड़ी, देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की आयु में अपना बलिदान दिया आज पूरा देश उनकी याद में गौरव दिवस के रूप में मना रहा है।
इस दौरान मंडल अध्यक्ष निखिल कोठारी, महामंत्री सुरेश सोनी, सरपंच कालू लाल गमेती, ओम सिंह चौहान काशीराम मेघवाल,भूराराम गमेती, पन्नालाल गमेती, प्रकाश गमेती, किशन गमेती,गोपीलाल, सुरेश सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





