गोगुंदा। स्थानीय उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सकीय लापरवाही और गलत जांच रिपोर्ट देने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इसके चलते मंगलवार को गोगुंदा बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजवीर सिंह झाला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी की और एसडीएम शुभम भैसारे को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बार एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, अधिवक्ता श्रवण कुमार जोशी 31 जनवरी को तबीयत खराब होने पर उप जिला चिकित्सालय पहुंचे थे। वहां चिकित्सक के परामर्श पर सरकारी लैब में जांच करवाई गई। लैब ने जो रिपोर्ट जारी की, उसमें सभी मापदंड सामान्य बताए गए।
रिपोर्ट सामान्य होने के बावजूद अधिवक्ता की तबीयत में सुधार के बजाय गिरावट आती गई। स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने 1 फरवरी को उदयपुर के एक निजी अस्पताल में पुनः जांच करवाई। वहां की रिपोर्ट में अधिवक्ता को किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी होने की पुष्टि हुई। हालत नाजुक देखते हुए उन्हें तत्काल अहमदाबाद रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि यदि सरकारी अस्पताल की लैब सही रिपोर्ट देती, तो मरीज का इलाज समय पर शुरू हो जाता और स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। वकीलों ने कहा कि यह केवल एक वकील का मामला नहीं है, बल्कि उप जिला चिकित्सालय पर निर्भर हजारों ग्रामीण और आदिवासी मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।
अधिवक्ताओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि सरकार लैब सुविधाओं के लिए करोड़ों का बजट देती है, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही से यह संसाधन बेकार साबित हो रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों का यह है कहना मामले पर सफाई देते हुए गोगुंदा के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश मीणा ने कहा कि मरीज जब इलाज के लिए आया था, उस समय उनकी स्थिति ठीक लग रही थी। हालांकि, उनका किडनी का इलाज पहले से चल रहा था। जिस दिन वे आए, उस दिन लैब में कुछ तकनीकी दिक्कतें भी थीं और जांच लैब असिस्टेंट ने की थी। पूरे मामले की विभागीय जांच करवाई जा रही है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
गोगुंदा। स्थानीय उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सकीय लापरवाही और गलत जांच रिपोर्ट देने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इसके चलते मंगलवार को गोगुंदा बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजवीर सिंह झाला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी की और एसडीएम शुभम भैसारे को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।




