Home » प्रदेश » सुविवि में अभियांत्रिकी, नवाचार और राष्ट्र निर्माण पर हुआ राष्ट्रीय मंथन

सुविवि में अभियांत्रिकी, नवाचार और राष्ट्र निर्माण पर हुआ राष्ट्रीय मंथन

उदयपुर – राष्ट्रीय अभियंता दिवस के अवसर पर मंगलवार को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में अभियांत्रिकी, नवाचार और राष्ट्र निर्माण विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय एवं विज्ञान भारती, चित्तौड़ प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगोष्ठी में तकनीकी विकास को सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय आवश्यकताओं से जोड़ने पर व्यापक विमर्श हुआ।

विश्वविद्यालय के अतिथि गृह स्थित बप्पा रावल सभागार में आयोजित संगोष्ठी महान अभियंता, राष्ट्र निर्माता एवं भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती को समर्पित रही। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में अभियंता की भूमिका केवल तकनीकी समाधान विकसित करने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उसे नवाचार, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण के व्यापक परिप्रेक्ष्य में भी देखा जाना चाहिए।

तकनीक की दिशा और सामाजिक उपयोगिता पर विशेष जोर

संगोष्ठी में तेजी से विकसित होती कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष विज्ञान, जैव-प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसी तकनीकों को भारत की वास्तविक आवश्यकताओं से किस प्रकार जोड़ा जाए आदि विषयों पर चर्चा हुई।

डॉ. अरविंद सी. रानाडे ने जमीनी अभियांत्रिकी और नवाचार पर दिया जोर दिया

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता निदेशक, राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान-भारत (एनआईएफ), गांधीनगर एवं राष्ट्रीय सचिव, विज्ञान भारती डॉ. अरविंद सी. रानाडे ने अपने संबोधन में जमीनी अभियांत्रिकी की अवधारणा तथा जमीनी स्तर पर विकसित नवाचारों की पहचान, संरक्षण और प्रोत्साहन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान- भारत के विजन और मिशन की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था का उद्देश्य देश के जमीनी नवाचारों और पारंपरिक ज्ञान को पहचानना, उनका दस्तावेजीकरण करना तथा उन्हें तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करना है।

उन्होंने हल्दी के पेटेंट के लिए हुए संघर्ष का उदाहरण देते हुए पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. रानाडे ने राष्ट्रीय नवाचार प्रतिष्ठान द्वारा सहयोग प्राप्त पेटेंट और नवाचारों के कुछ उदाहरण भी प्रस्तुत किए। उन्होंने विद्यार्थियों एवं युवा शोधार्थियों से अपने आसपास की समस्याओं को नवाचार एवं जमीनी अभियांत्रिकी के अवसर के रूप में देखने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सचिव, विज्ञान भारती प्रवीण रामदास ने सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वेश्वरैया जी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए अभियांत्रिकी और नवाचार को राष्ट्र की आवश्यकताओं से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश डागा ने कहा कि अभियांत्रिकी और तकनीकी शिक्षा का अंतिम उद्देश्य केवल तकनीकी दक्षता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करना होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों को नवाचार के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बदलती तकनीकी दुनिया में निरंतर सीखना, नई सोच विकसित करना और समस्याओं को अवसर के रूप में देखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे नवाचार और शोध को बढ़ावा देना चाहिए, जो समाज के लिए उपयोगी और राष्ट्र के विकास में सहायक हों।

पोस्टर प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता

संगोष्ठी के अंतर्गत ‘राष्ट्र निर्माण में लोक विज्ञान की भूमिका’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी भी आयोजित हुई। विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने पोस्टरों के माध्यम से लोक विज्ञान, स्वदेशी ज्ञान, तकनीकी नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विचारों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। संगोष्ठी की सलाहकार समिति में डॉ. एम. एल. कालरा, डॉ. रामेश्वर आमेटा, डॉ. अविनाश पंवार, डॉ. घनश्याम पुरोहित, डॉ. हरीश, डॉ. जितेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. कुलदीप शर्मा, डॉ. कमल सिंह राठौड़, डॉ. गिरधर पाल सिंह, डॉ. मोहित गोखरू, डॉ. राहुल गर्ग, डॉ. विमल सारस्वत, डॉ. जया अरोड़ा, डॉ. विजय कोली, डॉ. देवेंद्र जैन, डॉ. तृप्ता जैन, डॉ. लेखराज, एवं डॉ. देवेंद्र कुमार शामिल रहे। आयोजन सचिव डॉ. अमित कुमार गुप्ता संग सह-आयोजक सचिव डॉ. लोकेश कुमार अग्रवाल, डॉ. मोहन सिंह राठौड़ एवं श्रीमती मंजू चौधरी ने सहयोग किया। मंच संचालन डॉ. गिरिमा नागदा एवं डॉ. कुलदीप शर्मा ने किया।

dailyrajasthan
Author: dailyrajasthan

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

Leave a Comment

Realted News

Latest News

राशिफल

Live Cricket

[democracy id="1"]
error: Content is protected !!