
पाली – चर्चित जितेंद्र मेघवाल हत्याकांड मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने आरोपी रमेश सिंह राजपुरोहित की तृतीय जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई न्यायाधीश कुलदीप माथुर की अदालत में हुई, जहां दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।
प्रकरण के अनुसार 15 मार्च 2022 को जितेंद्र मेघवाल अपने साथी हरीश कुमार के साथ राजकीय अस्पताल बाली से मोटरसाइकिल पर अपने गांव बारवा लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए सूरज सिंह राजपुरोहित और रमेश सिंह राजपुरोहित ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में जितेंद्र के कंधे, सीने, जबड़े और पेट पर गंभीर चोटें आईं तथा उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी पूर्व रंजिश के चलते जितेंद्र और उसके परिवार से विवाद रखते थे। मामले में मूंछों पर ताव देने तथा व्यक्तित्व को लेकर विवाद की बात भी सामने आई थी। इससे पहले भी इस संबंध में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
घटना के बाद यह मामला प्रदेश सहित देशभर में चर्चाओं में रहा। बहुजन समाज और आंबेडकरवादी संगठनों ने घटना को लेकर आक्रोश जताया था। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण तथा भीम सेना के नवाब सतपाल तंवर भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे और न्याय की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गांव में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत, पाली में चालान पेश किया गया। आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया है।
पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता के.एल. चौहान एवं के.आर. सोलंकी मामले की पैरवी कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने बताया कि मुख्य गवाह सहित अन्य गवाहों के बयान अदालत में दर्ज हो चुके हैं। वहीं पीड़ित पक्ष ने गवाहों पर दबाव बनाने के प्रयासों का भी आरोप लगाया है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





