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RGHS के नियमों में बदलाव पर फूटा गुस्सा, जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर जताया विरोध

उदयपुर – मंगलवार को अखिल राजस्थान संयुक्त महासंघ के संयुक्त महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने बताया कि राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम प्रदेश के कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में वरदान की तरह है। लेकिन 25 मार्च से इस योजना में निजी चिकित्सा संस्थानो द्वारा दवाइयां बंद कर दी गई। तथा 14 अप्रैल से तो पूरी तरह ही चिकित्सा सुविधाएं बंद है।

इससे हजारों कर्मचारी जो विभिन्न बीमारियों से ग्रसित है और इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं एवं विवश होकर जेब से राशि खर्च कर इलाज करवा रहे हैंए ऐसी आपातकालीन स्थितियां प्रदेश में पहली बार उत्पन्न हुई है।
जिसमें निजी चिकित्सालयों एवं सरकार के सामंजस्य के अभाव में प्रदेश के लाखों कर्मचारियों एवं पेंशनरों के चिकित्सा संबंधी हितों पर कुठाराघात हो रहा है।
यह सरकार की प्रशासनिक विफलता है। प्रदेश के कर्मचारियों के चिकित्सा अधिकारो के लिए वरदान रूपी आरजीएचएस योजना पर शासन एवं सरकार द्वारा निरंतर हमले किए जा रहे हैं कुछ भ्रष्ट निजी चिकित्सा संस्थानों के द्वारा की जा रही सरकारी धन की लूट पर अंकुश लगाने में विफल चिकित्सा विभाग कर्मचारियों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं में कटौती करने एवं इस योजना को इंश्योरेंस मोड पर देने को आमादा है ।
संयुक्त महासंघ के महामंत्री लच्छीराम गुर्जर ने बताया कि इसके अतिरिक्त विगत कुछ समय से प्रदेश के विभिन्न समाचार पत्रों एवं न्यूज चौनल्स मे प्रकाशित खबरों के अनुसार राज्य सरकार योजना को इंश्योरेंस मोड पर ले जाना चाह रही है जिसे प्रदेश के कर्मचारी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे।
जहां एक और केंद्र सरकार में केंद्र के कर्मचारियों के लिए वर्षों से सीजीएचएस योजना एवं भूतपूर्व सैनिकों के लिए ईसीएचएस योजना सफलतापूर्वक संचालित है। वहीं दुसरी और राज्य सरकार आरजीएचएस जैसी बेहतरीन योजना के संचालन में पूरी तरह विफल हो रही हैए इसमें दोष प्रशासनिक प्रबंधन का है जिसके लिए चिकित्सा विभाग उत्तरदायी है।

संयुक्त महासंघ जिलाध्यक्ष हेमंत पालीवाल ने बताया कि उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत प्रदेश के आठ लाख कर्मचारियों के चिकित्सा संबंधी अधिकारों की संपूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय किया है । यदि सरकार के द्वारा 11 मई तक योजना को मूल स्वरूप में लागू करते हुए चिकित्सा सुविधाएं पुनः प्रारंभ नहीं करवाई गई तो 12 मई से आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व शासन एवं सरकार का होगा।
संयुक्त महासंघ के आईटी प्रभारी जसवंत सिंह चौहान ने बताया कि पिछले एक माह से हजारों कर्मचारी चिकित्सा सुविधाएँ नहीं मिलने से प्रताड़ित हो रहे हैं। तथा गंभीर बीमारियों से ग्रसित कर्मचारियों को मजबूरन नकद भुगतान कर इलाज करवाना पड़ा है जिससे लगभग 200 करोड रुपए उनकी जेब से खर्च हो चुके है। इन सब परिस्थितियों के दृष्टिगत योजना की सुरक्षा तथा संवेदनहीन सरकार की निद्रा खोलने के लिए महासंघ के द्वारा प्रदेश व्यापी चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया गया है। कर्मचारियों के चिकित्सा संबंधी हित एवं अधिकारों की सुरक्षा के लिए आंदोलन के महत्वपूर्ण चरण में प्रथम 4 मई 2026 को मुख्य सचिव को ज्ञापन द्वितीय 12 मई 2026 प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालय पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन एवं विरोध प्रदर्शनए तृतीय 15 मई से 25 मई 2026 तक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का प्रत्येक राजकीय दौरे पर विरोध प्रदर्शन। चतुर्थ 28 मई 2026 राजधानी जयपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का घेराव एवं विशाल विरोध प्रदर्शन।

इस दौरान संयुक्त महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नविन व्यास, आईटी प्रभारी जसवंत सिंह चौहान, आईटी यूनियन से सौरभ खमेसरा, अजय सिंह राजपूत, हिमांशु त्रिवेदी, दिलीप जोशी, विजय मीणा, प्रियंका भनात, कृष्णा, मोहम्मद इदरिस, हेमंत मेनारिया, दीपक सोनी, शिक्षक संघ प्रगतिशील से विनोद शर्मा, हीरालाल गमेती, जगदीश मीणा, लक्ष्मी लाल मीणा, भूपेंद्र डोडा, राहुल सालवी, ईश्वर मीणा, विनोद छापरवाल, अशोक बलाई, दिनेश शर्मा, खैमराज मीणा, हरीश मीणा, आयुर्वेद परिचारक संघ से अशोक भट्ट, रमेश मीणा, सुरेश सालवी, चुन्नी लाल भोई, राजस्थान पर्यटन विकास विभाग के जिलाध्यक्ष कमलेश वर्मा, राजस्थान महिला संगठन मंत्री कमलेश चौधरी, महिला संयुक्त मंत्री कैलाश कुंवर, सांख्यिकी संघ से मेघराज पटेल, संगठन महामंत्री मदनलाल सिंगाडिया, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड से मुकेश शर्मा, पशुपालन संघ से खेमराज मीणा, मंसाराम अहारी, राजस्थान हैंडपंप मिस्त्री संघ से नन्दलाल लबाना, हीरालाल चंदेरिया, राजस्थान राज्य अधीनस्थ संघ से प्रकाश चंद खटीक, राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षा संघ से भेरुलाल कलाल, ग्राम विकास अधिकारी संघ से कमलेश सेन, राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक स्नातक से शंकर नकवाल, निलेश यादव, पटवार संघ से प्रवीन मेनारिया मौजूद रहें।

Pavan Meghwal
Author: Pavan Meghwal

पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।

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