
उदयपुर – राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश गुप्ता के निर्देशों के क्रम में प्राधिकरण सचिव व एडीजे कुलदीप शर्मा ने फतहपुरा चौराहे पर स्वयं बाल वाहिनियों की जांच की ।
समाचार पत्रों में बाल वाहिनियों के बारे में पूर्व में खबर प्रकाशित करवाई जाकर यातायात विभाग एवं जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र प्रेषित किया गया था कि बाल वाहिनियों की जांच की जाए । इस संबंध में पुलिस विभाग एवं उपाधीक्षक यातायात के निर्देशों के क्रम में यातायात विभाग द्वारा निरंतर कार्यवाही की जाकर बाल वाहिनियों की जांच करते हुए जाकर चालान भी बनाए जा रहे थे एवं बाल वाहिनियों को जब्त करने की कार्यवाही भी की जा रही थी।
प्राधिकरण सचिव शर्मा मंगलवार को स्वयं फतेहपुरा चौराहे पर पहुंचे एवं करीब एक घंटे तक बाल वाहिनियों की जांच की। निजी इको गाडियां एवं वैन के रूप में उपयोग ला रही बाल वाहिनियों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि वैन जो बालवाहिनी के रूप में उपयोग में लाई जा रही थी उसमें एल.पी.जी. कीट लगा हुआ था जिसका आर.सी. में कोई इन्द्राज नहीं पाया गया। इको गाडी के उपर जंगला लगाया जाकर बैग भर रखे थे एवं उसमें क्षमता से अधिक 12 बच्चों को स्कूल से घर ले जाया जा रहा था, वैन में दो बालिकाओं को कंडक्टर सिट पर भी बैठा रखा था। शर्मा के निर्देश पर ऐसे वाहनों को जब्त किया गया।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





