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दो से अधिक संतान पर नियुक्ति प्रतिबंध हटाया जाए, पात्र अभ्यर्थियों को मिले राज्य सेवा में अवसर- पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा

उदयपुर– राजस्थान सरकार के पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक विस्तृत पत्र लिखकर 01 जून 2002 के बाद दो से अधिक संतान होने पर राज्य सेवा में नियुक्ति से वंचित करने वाले प्रावधान को तत्काल प्रभाव से विलोपित करने की मांग की है। कटारा ने कहा कि यह नियम वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों, जनजातीय परम्पराओं तथा व्यापक जनहित के विपरीत है और हजारों योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य इससे प्रभावित हो रहा है। कटारा के निजी सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2002 में यह प्रावधान लागू किया था कि 01.06.2002 के बाद दो से अधिक संतान वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जाएगी। हालांकि हाल ही में कार्मिक (क-2) विभाग द्वारा 16.03.2023 को जारी अधिसूचना में दो से अधिक संतान होने पर पदोन्नति में छूट प्रदान कर दी गई है, लेकिन नियुक्ति में छूट न होने से विरोधाभास पैदा हो गया है। इस कारण कई प्रतियोगी परीक्षाओं में योग्यता, मेरिट और चयन के बावजूद अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पा रही, जो अत्यंत पीड़ादायक स्थिति है।

कटारा ने यह भी स्पष्ट किया कि विशेष रूप से जनजाति बहुल क्षेत्रों में दो से अधिक संतान होना सामाजिक रूप से मान्यता प्राप्त है। वहां के रीति-रिवाज, परंपराएँ और सामाजिक ढांचा इस प्रथा को स्वाभाविक मानते हैं। ऐसे में यह नियम न केवल जनजाति क्षेत्र के युवाओं को बल्कि पूरे राजस्थान में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सेवा में भर्ती का उद्देश्य प्रतिभावान युवाओं को अवसर देना है, न कि पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर उन्हें जीवनभर के लिए वंचित करना। पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि सरकार को शीघ्रता से पुराने आदेश को निरस्त कर दो से अधिक संतान वाले अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति हेतु पात्र घोषित करना चाहिए, ताकि सभी योग्य अभ्यर्थियों को बिना भेदभाव राज्य सेवा में अवसर मिल सके।

उन्होंने यह भी जोर दिया कि इस निर्णय से न केवल हजारों बेरोजगार युवाओं को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य सरकार को विभिन्न विभागों में योग्य कार्मिक उपलब्ध होंगे, जिससे प्रशासनिक दक्षता भी बढ़ेगी। कटारा ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक निर्णय लेंगे तथा प्रदेश के युवाओं को नई आशा और अवसर प्रदान करेंगे।

Pavan Meghwal
Author: Pavan Meghwal

पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।

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