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76 वाँ जिला स्तरीय वन महोत्सव रत्नागिरी पहाड़ी पर जनप्रतिनिधियों अधिकारियों ने रोपा एक पेड़ मां के नाम

उदयपुर – हरियाली तीज के अवसर पर धरती को हरा भरा करने के पावन उद्देश्य के साथ जहां मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में जयपुर में राज्य स्तरीय वन महोत्सव आयोजित हुआ। वहीं प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय वन महोत्सव में एक पेड़ मां के नाम लगाकर जनप्रतिनिधियों एवं आधिकारियों ने अपना कर्तव्य निभाया। इसी कड़ी में उदयपुर का 76 वाँ जिला स्तरीय वन महोत्सव भुवाणा स्थित रत्नागिरी पहाड़ी पर मनाया गया जहां एक साथ 650 पौधों का रोपण किया गया। उदयपुर विकास प्राधिकरण एवं वन विभाग के इस साझा आयोजन में कभी रिमझिम फुहारों ने तो कभी बारिश के माध्यम से प्रकृति ने भी अपनी ओर से पूरा सहयोग प्रदान किया।
वन महोत्सव के अवसर पर आयोजित सादे समारोह में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने वन महोत्सव के आयोजन के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक फूल सिंह मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान के हरित भविष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। जिले के प्रभारी सचिव टी रविकांत ने कहा कि “मां के नाम एक वृक्ष, जीवन के नाम एक संकल्प” की टैगलाइन के साथ हरियालो राजस्थान की संकल्पना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर नमित मेहता ने कहा कि शहर के मध्य स्थित रत्नागिरी पहाड़ी की हरियाली सभी का मन मोह लेती है। इस पर स्मृति वन विकसित किया जाना चाहिए जहां आमजन अपने प्रिय जनों की याद एवं शुभ अवसर पर उनके नाम का पौधारोपण कर सके। उदयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त श्री राहुल जैन ने अपने संबोधन में कहा कि पहले यह पहाड़ी बंजर थी जिसे एक ऑक्सीजन पॉकेट के रूप में विकसित किया गया है। कार्यक्रम में उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, प्रभारी सचिव टी रविकांत, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवल रमानी, जिला कलेक्टर नमित मेहता, यूडीए आयुक्त राहुल जैन, जिला परिषद सीईओ रिया डाबी, उपवन संरक्षक मुकेश सैनी व अजय चित्तौड़ा, यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर उड़िया के अतिरिक्त मुख्य अभियंता संजीव शर्मा अधीक्षण अभियंता अनित माथुर, भुवाणा सरपंच मोहनलाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी और स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र सेन ने किया।

ऐसे विकसित हुई रत्नागिरी
एक समय ऐसा था जब रत्नागिरी पहाड़ी पूरी तरह बंजर थी। विधायक फूल सिंह मीणा ने बताया कि उदयपुर के जन प्रतिनिधि गुलाबचंद कटारिया के निर्देश पर तत्कालीन यूआईटी ने इसे विकसित करने का बीड़ा उठाया। करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली इस पहाड़ी से 18 परिवारों को समुचित तरीके से विस्थापित कर 1000 मीटर लंबी बाउंड्री वॉल बनाकर संरक्षित किया गया। प्रारंभ में 2100 पौधे लगाए गए तत्पश्चात 5000 और पौधों का रोपण किया गया। पहाड़ी का क्रमिक विकास करते हुए यहां पर वाकिंग ट्रेल, टॉयलेट ब्लॉक, बारादरी का निर्माण किया गया। यहां लगाए गए पौधों को पानी देने के लिए ड्रिप इरिगेशन सिस्टम भी स्थापित किया गया। इस प्रकार अभी तक कुल 35000 पौधे लगाकर पूरी पहाड़ी को हरियाली से आच्छादित कर दिया गया है।

Pavan Meghwal
Author: Pavan Meghwal

पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।

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