
उदयपुर– जहां एक और उदयपुर में पर्यटकों की आवाजाही बड़ी है वही दूसरी ओर बाल भिक्षावृत्ति एवं भिक्षुकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है इसी को लेकर जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग एवं पुलिस विभाग की मानव तस्करी विरोधी यूनिट के सामूहिक प्रयास से उदयपुर शहर के प्रमुख स्थलों पर अभियान चलाकर बाल भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के परिजनों को पाबंद किया गया।
जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम पर अंकुश लगाने की कार्य योजना बनाई गई थी। इस पर बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक के.के चंद्रवंशी के निर्देशन में उदयपुर शहर के विभिन्न चौराहे एवं स्थलों पर समझाइश अभियान चलाया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन जिला परियोजना समन्वयक नवनीत औदिच्य ने बताया कि मानव तस्करी विरोधी यूनिट की रेखा मीणा ए.एस.आई, हेमलता मेनारिया कॉन्स्टेबल, चाइल्ड हेल्पलाइन से महेंद्र सिंह, शंकर लाल, रोहित गरासिया, निर्मला लोहार, भाग्यवन्ति कुमावत, वोल्युन्टर से निलेश, अविनाश, हिमांशु, अक्षय के माध्यम से समझाइश अभियान किया गया। बच्चों को चिन्हित कर उनके परिजनों को पाबन्द किया गया। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि उदयपुर को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने का सपना पूरा किया जा सके।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





