गोगुंदा (उदयपुर)। शुक्रवार को गोगुंदा-सायरा मार्ग पर खराब ट्रांसफार्मर (डीपी) ले जाते समय हुए दर्दनाक हादसे के बाद शनिवार को दिनभर गोगुंदा उपखंड कार्यालय में भारी तनाव और गहमागहमी का माहौल रहा। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने मृतकों के परिजनों को उचित न्याय दिलाने के लिए मोर्चा खोला। अंततः प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई वार्ता में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने के आश्वासन के बाद गतिरोध समाप्त हुआ।
50 लाख मुआवजे की मांग को लेकर अड़े प्रदर्शनकारी
शनिवार सुबह से ही उपखंड कार्यालय परिसर में सैकड़ों की संख्या में लोग जुटना शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा, प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, घायलों के मुफ्त उपचार और जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निलंबित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई, जिसे देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया।
कई दौर की वार्ताएं रहीं विफल
सुबह से लेकर शाम 4 बजे तक प्रशासनिक अधिकारियों, अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अफसरों और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच कई चरणों में वार्ता हुई। शुरुआत में मुआवजे की राशि और नौकरी की शर्तों पर असहमति के कारण वार्ताएं बेनतीजा रहीं। शाम 4 बजे एसडीएम शुभम भैसारे और अन्य अधिकारियों के साथ हुई अंतिम दौर की वार्ता में प्रशासन ने मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा और संविदा पर नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया, जिस पर प्रतिनिधिमंडल सहमत हो गया। इसके बाद ही उप जिला चिकित्सालय में रखे शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा सका।
इस दौरान पीसीसी महासचिव लाल सिंह झाला, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष जीवन सिंह देवड़ा, जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत, पूर्व मंत्री डॉ. मांगी लाल गरासिया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राम सिंह चदाणा, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान के अध्यक्ष करण सिंह झाला, जीएसएस अध्यक्ष हरि सिंह झाला, जीएसएस अध्यक्ष चेन सिंह चदाणा, निर्भय सिंह देवड़ा, एडवोकेट अरूण कुमार पालीवाल, इंदर सिंह राजपूत, गोगुंदा के निवर्तमान उपसरपंच लालकृष्ण सोनी, भाजपा के नान्देशमा मंडल अध्यक्ष नवल सिंह चदाणा, विजय बावड़ी के पूर्व सरपंच नाहर सिंह देवड़ा, निवर्तमान उपप्रधान लक्ष्मण सिंह झाला, एवीवीएनएल एक्सईएन बलवंत चौहान, एसडीएम शुभम भैसारे, गोगुंदा तहसीलदार प्रवीण कुमार सैनी, सायरा तहसीलदार सुरेश मेहता, थानाधिकारी श्याम सिंह चारण व एएसआई विनेश कुमार शामिल थे।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
गोगुंदा (उदयपुर)। शुक्रवार को गोगुंदा-सायरा मार्ग पर खराब ट्रांसफार्मर (डीपी) ले जाते समय हुए दर्दनाक हादसे के बाद शनिवार को दिनभर गोगुंदा उपखंड कार्यालय में भारी तनाव और गहमागहमी का माहौल रहा। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने मृतकों के परिजनों को उचित न्याय दिलाने के लिए मोर्चा खोला। अंततः प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई वार्ता में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने के आश्वासन के बाद गतिरोध समाप्त हुआ।





