गोगुंदा। क्षेत्र के खाखड़ी स्थित प्राचीन श्री रामदेवजी मंदिर (धूणी) की भूमि पर व्याप्त अवैध अतिक्रमण को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। श्री रामदेवजी मंदिर संघर्ष समिति (खाखड़ी-धूणी) के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपखंड कार्यालय पहुंचे और जनजाति कल्याण मंत्री बाबूलाल खराड़ी के नाम उपखंड अधिकारी शुभम भैसारे को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में संघर्ष समिति ने बताया कि खाखड़ी गांव में स्थित आराजी नंबर 702 की भूमि है और मंदिर की धूणी के पास आम रास्ता है, उस पर कुछ रसूखदार और असामाजिक तत्वों ने अवैध रूप से कच्चे-पक्के बाड़े बनाकर कब्जा कर रखा है। समिति का कहना है कि धूणी आसपास के लगभग 40 गांवों की आस्था का केंद्र है। अतिक्रमण के कारण मंदिर में पूजा-अर्चना, भजन मंडली और धार्मिक कार्यक्रमों में भारी बाधा आ रही है। गंदगी के अंबार और संकरे रास्ते के कारण श्रद्धालुओं का निकलना दूभर हो गया है।
ज्ञापन में बताया कि पिछले 3 वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। कोर्ट से तीन बार अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ढिलाई के कारण आज तक मौके से कब्जा नहीं हटा। ऐसा लगता है जैसे आदिवासी समाज की आवाज को दबाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द ही इस अवैध अतिक्रमण को नहीं हटाया गया, तो समस्त आदिवासी समाज आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और गोगुन्दा पुर्व सरपंच लालु राम भील, शकर लाल भील, माधुराम , मोहनदास ,अम्बावदास, कशालदास , शंकरदास, मोतीलाल सहित भारी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग मौजूद रहे।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
गोगुंदा। क्षेत्र के खाखड़ी स्थित प्राचीन श्री रामदेवजी मंदिर (धूणी) की भूमि पर व्याप्त अवैध अतिक्रमण को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। श्री रामदेवजी मंदिर संघर्ष समिति (खाखड़ी-धूणी) के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपखंड कार्यालय पहुंचे और जनजाति कल्याण मंत्री बाबूलाल खराड़ी के नाम उपखंड अधिकारी शुभम भैसारे को ज्ञापन सौंपा।




