गोगुंदा। कस्बे में मंगलवार को रंगों का महापर्व रंग पंचमी बेहद हर्षाेल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कस्बे की अनूठी परंपरा के अनुसार, यहाँ होली दहन के ठीक 6 दिन बाद रंग पंचमी पर असली होली का जश्न मनाया जाता है, जिसमें पूरा कस्बा सप्तरंगी रंगों में सराबोर नजर आया।
रंग पंचमी के विशेष अवसर पर कस्बे के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान और बाजार पूरी तरह बंद रहे। व्यापारियों और आमजन ने मिलकर खुशियां बांटी। सुबह से ही युवा, बुजुर्ग और बच्चे सहित महिलाएं एक-दूसरे को रंग-बिरंगी गुलाल लगाते और होली की बधाई देते नजर आए। गलियों में चहुंओर अबीर-गुलाल की चादर सी बिछ गई।
उत्सव के खास मौके पर पंचायत समिति कार्यालय परिसर में भव्य होली स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह ने कस्बे की एकता और भाईचारे की मिसाल पेश की। समारोह में कस्बे के सैंकड़ों लोगों ने शिरकत की और डीजे पर बज रहे होली के गीतों पर जमकर नृत्य किया।
समारोह में गुलाल के साथ-साथ मेहमानों के लिए अल्पाहार और स्वल्पाहार की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिसका सभी ने आनंद लिया। गोगुंदा की यह परंपरा आज भी जीवंत है, जहां रंग पंचमी को मुख्य त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। लोगों ने न केवल रंगों से होली खेली, बल्कि एक-दूसरे के गले लगकर आपसी गिले-शिकवे दूर किए और स्नेह का संदेश दिया।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
गोगुंदा। कस्बे में मंगलवार को रंगों का महापर्व रंग पंचमी बेहद हर्षाेल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कस्बे की अनूठी परंपरा के अनुसार, यहाँ होली दहन के ठीक 6 दिन बाद रंग पंचमी पर असली होली का जश्न मनाया जाता है, जिसमें पूरा कस्बा सप्तरंगी रंगों में सराबोर नजर आया।




