सायरा। रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर क्षेत्र में संचालित सृष्टि सेवा समिति की और सखियों की बाड़ी शिक्षा केंद्रों पर आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं और महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान क्षेत्र से 35 सखियों की बाड़ी केंद्रों की बालिकाओं और उनकी माताओं की सहभागिता से विभिन्न मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं के बीच रंगोली प्रतियोगिता चम्मच-नींबू दौड़, रस्साकस्सी तथा अन्य खेल गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना तथा आपसी सहयोग और सहभागिता की भावना को मजबूत करना था।
इस अवसर पर बालिकाओं की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी माताओं के साथ साझा की गई तथा उन्हें अपनी बेटियों की शिक्षा में सक्रिय सहयोग देने के लिए प्रेरित किया गया। माताओं को यह भी बताया गया कि नियमित रूप से शिक्षा केंद्र से जुड़कर बालिकाएँ अपने ज्ञान और कौशल को बेहतर बना सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान सायरा ब्लॉक के इंचार्ज विष्णु यादव ने महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाएँ परिवार और समाज की सशक्त आधारशिला होती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों की शिक्षा अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि जब एक बेटी शिक्षित होती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने सभी माताओं से अपनी बेटियों को नियमित रूप से शिक्षा केंद्र भेजने और उनकी पढ़ाई में सहयोग करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में जितेंद्र नागदा और पर्वत गरासिया ने सभी प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। सायरा ब्लॉक के सभी सखियों की बाड़ी केंद्रों पर यह कार्यक्रम उत्साह, सहभागिता और उमंग के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
सायरा। रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर क्षेत्र में संचालित सृष्टि सेवा समिति की और सखियों की बाड़ी शिक्षा केंद्रों पर आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं और महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान क्षेत्र से 35 सखियों की बाड़ी केंद्रों की बालिकाओं और उनकी माताओं की सहभागिता से विभिन्न मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।




