सायरा । थाना पुलिस ने करीब 6 महीने से फरार चल रहे एक शातिर और इनामी अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी धुलसिंह ने अपने ही दादा की बेरहमी से हत्या कर दी थी और तब से वह पुलिस को छका रहा था। थानाधिकारी ने बताया कि गत वर्ष 14 अगस्त को स्वरूप जी की भागल (सादड़ा) निवासी सोहनसिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता भंवरसिंह सुबह खेत पर घास काटने गए थे, जहां उनकी लहूलुहान लाश मिली। उनके सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे। पुलिस ने धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस की स्पेशल चेज सूरत से जयपुर तक पीछा
जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशन में थानाधिकारी कानाराम सिरवी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। आरोपी धुलसिंह इतना शातिर था कि वह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था और बार-बार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस टीम को सूचना मिली कि वह सूरत में मजदूरी कर रहा है, लेकिन पुलिस के पहुँचने से पहले ही वह भागकर जयपुर आ गया। बता दें कि टीम ने साइबर सेल की मदद से नए नंबर की लोकेशन ट्रैक की गई और टीम ने जयपुर में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी धुलसिंह ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाली वजह बताई। उसने बताया कि मुझे शक था कि मेरे दादा टोना-टोटका करते हैं। मुझे यह भी वहम था कि मेरे पिता की मृत्यु के पीछे भी मेरे दादा का ही हाथ था। इसी प्रतिशोध और शंका में मैंने उनकी हत्या कर दी।
इस गिरफ्तारी में थानाधिकारी कानाराम सिरवी के साथ कांस्टेबल धर्मेंद्र, नरपतराम, रूपाराम और साइबर सेल के लोकेश रायकवाल की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





