गोगुंदा। कस्बे में साफ-सफाई और स्वास्थ्य मानकों को बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायत ने शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया हैं। पंचायत प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पंचायत समिति से लेकर बस स्टैंड तक सभी दुकानों और मकानों के बाहर चेतावनी नोटिस चस्पा किए हैं। ग्राम पंचायत द्वारा जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि दुकानदार या भवन स्वामी अपने प्रतिष्ठान और घर का दूषित पानी सड़कों पर न बहाएं। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि गंदे पानी के निस्तारण के लिए सोख्ता गड्ढे का उपयोग किया जाए। कचरे को सड़क पर फेंकने के बजाय अनिवार्य रूप से कचरा पात्र में ही डाला जाए। प्रशासन ने नोटिस के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी दुकान या घर का गंदा पानी सड़क पर बहता पाया गया, तो ग्राम पंचायत द्वारा उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कार्रवाई से होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं संबंधित व्यक्ति की होगी। गौरतलब है कि वर्तमान समय में क्षेत्र के कई लोग घरों और दुकानों का गंदा पानी सीधे मुख्य सड़क पर छोड़ रहे हैं। इससे न केवल राहगीरों को परेशानी हो रही है, बल्कि यह स्वास्थ्य मानकों के अनुसार भी गलत है और बीमारियों को न्योता दे रहा है। इसी को देखते हुए पंचायत ने यह सख्ती बरती है।

गोगुंदा। कस्बे में साफ-सफाई और स्वास्थ्य मानकों को बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायत ने शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया हैं। पंचायत प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पंचायत समिति से लेकर बस स्टैंड तक सभी दुकानों और मकानों के बाहर चेतावनी नोटिस चस्पा किए हैं। ग्राम पंचायत द्वारा जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि दुकानदार या भवन स्वामी अपने प्रतिष्ठान और घर का दूषित पानी सड़कों पर न बहाएं। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि गंदे पानी के निस्तारण के लिए सोख्ता गड्ढे का उपयोग किया जाए। कचरे को सड़क पर फेंकने के बजाय अनिवार्य रूप से कचरा पात्र में ही डाला जाए। प्रशासन ने नोटिस के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी दुकान या घर का गंदा पानी सड़क पर बहता पाया गया, तो ग्राम पंचायत द्वारा उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कार्रवाई से होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं संबंधित व्यक्ति की होगी। गौरतलब है कि वर्तमान समय में क्षेत्र के कई लोग घरों और दुकानों का गंदा पानी सीधे मुख्य सड़क पर छोड़ रहे हैं। इससे न केवल राहगीरों को परेशानी हो रही है, बल्कि यह स्वास्थ्य मानकों के अनुसार भी गलत है और बीमारियों को न्योता दे रहा है। इसी को देखते हुए पंचायत ने यह सख्ती बरती है।



