गोगुंदा। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस पार्टी के महासचिव लालसिंह झाला ने कहा है कि केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पूंजीपतियों एवं उद्योगपतियों के दबाव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बंद करने का काम किया है। झाला शुक्रवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गोगुंदा (ए) एवं (बी) की द्वारा मनरेगा बचाओ अभियान के तहत गोगुंदा कस्बा में आयोजित विशाल रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मनरेगा शुरू होने के बाद ग्रामीणों का शहरों की ओर पलायन कम हो गया था जिससे उद्योगपतियों को श्रमिकों को महंगी दर देनी पड रही है इसलिए भाजपा सरकार ने योजना बंद कर दी। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर जहां गांवों में बेरोज़गारी बढ जाएगी,ग्रामीणों को जीवन व्यापन में परेशानी होगी और गांवों का विकास रुक जाएगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा में गांव का विकास ग्राम सभा के पास था वह समाप्त होकर दिल्ली सरकार के पास चला जाएगा वहीं गांव के गरीब एवं असहाय लोगों को रोजगार के लिए छीन जाएगा। पूर्व मंत्री डॉ मांगीलाल गरासिया ने कहा कि मनरेगा वर्तमान समय में देश में गरीब एवं कमजोर तबके के लोगों के जीवन यापन का मुख्य साधन है और मोदी सरकार उद्योगपतियों के दबाव में आकर इस योजना को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश में झूठे झूठे वायदा कर सत्ता में आई भाजपा की मोदी सरकार में हर वर्ग दुखी है तथा भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कार्यक्रम में गोगुंदा विधानसभा प्रभारी शंकर लाल गाडरी ने कहा कि मोदी सरकार ने समाज को आपस में लड़वाने के लिए भगवान राम का नाम इस योजना में डाला है जबकि इसकी पूरी परिभाषा में राम का नाम कही नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से गांव, शहरों के देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। मनरेगा में मजदूरी की राशि से छोटे व्यापारी,चाय वाले और सब्जी विक्रेताओं का व्यापार बढा है।
इससे पूर्व गोगुंदा कस्बे में विशाल महारैली निकाली गई। महाराणा प्रताप की राजतिलक स्थली से शुरू हुई यह रैली भेरुजी की घाटी,चौगान बस स्टैंड, उपखंड कार्यालय होकर बाईपास स्थित महाराणा प्रताप सर्किल के पास कांग्रेस कार्यालय पहुंच कर सभा का आयोजन किया गया। रैली में पूर्व प्रधान तुलसी मेघवाल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी (ए) के अध्यक्ष रामसिंह चदाणा, क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष हरी सिंह झाला,मंडल अध्यक्ष गणपत शर्मा, गोपीलाल पालीवाल,नीकाराम गरासिया, ओम प्रकाश जोशी, फतेहसिंह झाला, किरण सिंह, जब्बर सिंह, बरकत अली, पन्नालाल मेघवाल, चंपाराम गरासिया, जनजाति ब्लॉक अध्यक्ष लोगरलाल, भंवरलाल गमेती, प्रताप सिंह राव, तोलाराम गुर्जर, नाथुलाल मेघवाल, केसू लाल खेर, सुरेश लौहार, हडमत सिंह झाला, दिनेश नागदा, लीलीधर पालीवाल, हितेश पालीवाल, सापाराम गरासिया, जयराज सिंह राणावत, गोगुंदा उपसरपंच लालकृष्ण सोनी, तेजसिंह देवडा, किशनसिंह घाटा, अमराराम गमेती, नानालाल पालीवाल, डा पप्पू गरासिया, एनएसयुआई के जिला महासचिव हिमांशु सोनी, भंवर सिंह मादा, दीपेश नंदावत, जयदीप सिंह, रघु टेलर, प्रकाश नंगारची, पूर्व सरपंच पुनाराम गरासिया, मोतीलाल सुथार, बाबूसिंह देवड़ा, अभय सिंह झाला, रमेश सुथार, गिरवर चौधरी, रामेश्वर चौधरी, बाबुराम गमार, भंवरलाल गमेती, चेन सिंह फूटिया, दिनेश मेहता, इंद्रसिंह सिसोदिया, किशन सिंह निकोर, मन्नालाल पीपला, सहित कई कार्यकर्ता मौजुद रहें।

गोगुंदा। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस पार्टी के महासचिव लालसिंह झाला ने कहा है कि केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पूंजीपतियों एवं उद्योगपतियों के दबाव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बंद करने का काम किया है। झाला शुक्रवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गोगुंदा (ए) एवं (बी) की द्वारा मनरेगा बचाओ अभियान के तहत गोगुंदा कस्बा में आयोजित विशाल रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मनरेगा शुरू होने के बाद ग्रामीणों का शहरों की ओर पलायन कम हो गया था जिससे उद्योगपतियों को श्रमिकों को महंगी दर देनी पड रही है इसलिए भाजपा सरकार ने योजना बंद कर दी। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर जहां गांवों में बेरोज़गारी बढ जाएगी,ग्रामीणों को जीवन व्यापन में परेशानी होगी और गांवों का विकास रुक जाएगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा में गांव का विकास ग्राम सभा के पास था वह समाप्त होकर दिल्ली सरकार के पास चला जाएगा वहीं गांव के गरीब एवं असहाय लोगों को रोजगार के लिए छीन जाएगा। पूर्व मंत्री डॉ मांगीलाल गरासिया ने कहा कि मनरेगा वर्तमान समय में देश में गरीब एवं कमजोर तबके के लोगों के जीवन यापन का मुख्य साधन है और मोदी सरकार उद्योगपतियों के दबाव में आकर इस योजना को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश में झूठे झूठे वायदा कर सत्ता में आई भाजपा की मोदी सरकार में हर वर्ग दुखी है तथा भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कार्यक्रम में गोगुंदा विधानसभा प्रभारी शंकर लाल गाडरी ने कहा कि मोदी सरकार ने समाज को आपस में लड़वाने के लिए भगवान राम का नाम इस योजना में डाला है जबकि इसकी पूरी परिभाषा में राम का नाम कही नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से गांव, शहरों के देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। मनरेगा में मजदूरी की राशि से छोटे व्यापारी,चाय वाले और सब्जी विक्रेताओं का व्यापार बढा है।



