उदयपुर(udaipur)-पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर और मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 15 दिवसीय थिएटर कार्यशाला ‘रंगमंच’ में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ फुरकान खान एवं सह निदेशक दुर्गेश चांदवानी ने कार्यशाला के अभ्यर्थियों से मुलाकात की। फुरकान खान ने विद्यार्थियों से अपनी बातचीत में रंगमंच का उद्देश्य एवं महत्व बताया और कहा की ये सिर्फ व्यक्तित्व निर्माण ही नहीं करता, बल्कि एक नैतिक एवं सहिष्णु मनुष्य भी बनाता है। उन्होंने सांस्कृतिक केंद्र के बारे में भी जानकारी देते हुए कहा की इस प्रकार के कार्यक्रमों से नए कलाकारों का भी निर्माण होगा। आयोजन सचिव डॉ भानुप्रिया रोहिला ने बताया की इस दौरान महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो. मदन सिंह राठौड़, दृश्य कला के प्रो हेमंत द्विवेदी, कार्यकम के समनवयक डॉ शाहीद परवेज़ एवं महेंद्र सिंह पुरोहित एवं कार्यशाला के दक्ष प्रशिक्षक विशाल भट्ट एवं आसिफ खान भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है की कार्यशाला के अंतिम दिन 25 फरवरी को इसका मंचन शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में किया होगा। इस कार्यशाला में न सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्र बल्कि एक संकाय सदस्य ने भी भाग लिया है।

Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।