सायरा( Udaipur) – थाना क्षेत्र के तरपाल गांव में एक बंगाली डाक्टर द्वारा इलाज कराने केबाद हुए गहरे घाव को लेकर परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें परिजनों ने डाक्टर के खिलाफ कानून कारवाई की मांग की । बता दें कि तरपाल निवासी नारू लाल मेघवाल ने नजदीकी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कर बताया की मैं मेरी 3 वर्षीय बच्ची भारती की तबीयत ठीक नहीं होने के चलते बंगाली डाक्टर टीके बाला के पास इलाज करवानें ले गया था जहां पर बच्ची को एक इंजेक्शन लगाया गया जिससे बच्ची के उक्त स्थान पर गांठ हो गई थी । उसके बाद बच्ची का उदयपुर चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। वहीं नारु लाल ने बताया कि सुआवतो का गुड़ा निवासी तुलसी मेघवाल के भी इसी डाक्टर के इलाज के बाद गांठ हो गई थी जिसका इलाज बड़गांव सेटेलाइट हाॅस्पिटल में जहां चिकित्सकों ने गांठ को बहार निकाला गया था । बच्ची के शरीर पर बना गहरा घाव
अब जो आरोप लगाया गया है वो झूठ है – डाॅ टीके बाला
परिजन बच्ची को करीब दो महीने पहले मेरे पास इलाज करवाने के लिए लेकर आए थे। उस समय बच्ची को बुखार हो रहा था। जिसको मैंने एक इंजेक्शन लगाया था उसके बाद बच्ची ठीक थी । मुझे दो महीने बाद पता चला है कि बच्ची के गांठ हुई है अगर ऐसा होता तो दस दिनों में ही पता चल जाता था। अब जो आरोप लगाया जा रहा है वो झूठ है ।

Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।