उदयपुर – दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में मंगलवार को भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और राजस्थान की आदिवासी युवा नेता डॉ. दिव्यानी कटारा ने युवा कांग्रेस के अन्य साथियों के साथ वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
डॉ. कटारा ने कहा कि जब करोड़ों मतदाताओं के वोट और लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल उठ रहे हों, तो देश की जनता चुप क्यों रहे। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिक के अधिकारों से जुड़ा विषय है।
कटारा ने कहा कि रामलीला मैदान से उनका संदेश स्पष्ट है कि देश का लोकतंत्र किसी की निजी जागीर नहीं है। सत्ता में बैठे लोगों को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वाेपरि है और मतदाता के वोट की ताकत से बड़ा कोई अहंकार नहीं हो सकता।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र संविधान से चलता है, किसी की मनमर्जी से नहीं। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मूल्यों, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
डॉ. कटारा ने कहा कि यह संघर्ष किसी पद या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि जनता के सम्मान, संविधान की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए है। उन्होंने कहा कि जब भी लोकतंत्र और जनता के अधिकारों पर सवाल उठेंगे, युवा कांग्रेस अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।




