
गोगुंदा – क्षेत्र के सायरा पंचायत समिति में गुरूवार को उपखंड प्रशासन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांगजन अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुपालन में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के दिव्यांगजनों को संबल प्रदान करना था।
शिविर को संबोधित करते हुए निर्वतमान प्रधान सवाराम गमेती ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक गिरीश भटनागर ने शिविर में तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि अब प्रत्येक दिव्यांगजन के लिए राज्य सरकार की किसी भी योजना का लाभ लेने हेतु यूडीआईडी कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने लाभार्थियों से जल्द से जल्द अपना कार्ड बनवाने की अपील की।
तहसीलदार सुरेश मेहता ने शिविर में मौजूद वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में लाभ से वंचित न रहे।
शिविर के दौरान बड़ी संख्या में उपकरणों का वितरण किया गया, जिसमें 24 ट्राइसाइकिल, 06 व्हीलचेयर, 03 सीपी चेयर, 02 स्मार्ट केन, 04 श्रवण यंत्र शामिल हैं।
विशेष रूप से, शिविर में एक दिव्यांग लाभार्थी को मुख्यमंत्री स्वरोजगार सहायता योजना के तहत 50,000 की अनुदान राशि की स्वीकृति भी प्रदान की गई, जिससे वह अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें।
कार्यक्रम का सफल संचालन शत्रुघ्न चौबीसा और राजवीर सिंह राणावत ने किया गया।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





