
गोगुंदा – कस्बे के राजतिलक मार्ग पर बुधवार देर शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक बाइक शोरूम और पाइप मशीनरी पार्ट्स की दुकानों में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि देखते ही देखते आसमान में धुएं का गुबारे छा गये। इस भीषण अग्निकांड में करीब 85 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर राख हो गई, हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के चलते एक बड़ा मानवीय हादसा होने से टल गया।
बुधवार शाम को राजतिलक मार्ग स्थित दुकानों से अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, आग ने तीन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण पुलिस जाब्ते के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।
दमकल विभाग के पहुंचने से पहले पुलिस प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने साहस का परिचय दिया। थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने बताया कि निजी पानी के टैंकरों और आसपास की बोरवेल मशीनों की मदद से आग पर काबू पाने के भरसक प्रयास किए गए। सूचना पर उदयपुर से भी दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जमा हो गए, जो अपनी जान जोखिम में डालकर सामान बाहर निकालने और आग बुझाने में सहयोग करते नजर आए।
पीड़ित दुकान मालिक दिनेश सिंह चदाणा ने बताया कि इस अग्निकांड में प्लास्टिक पाइप, मोटर पार्ट्स और करीब 45 बाइक पूरी तरह जल गई हैं। उन्होंने प्रारंभिक अनुमान के आधार पर बताया कि आग से करीब 85 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है।
गोगुंदा पुलिस की सूझबूझ ने एक बड़ी त्रासदी को रोक दिया। दरअसल, जिस जगह आग लगी थी, उसके पास ही निकुंज वाटिका में एक शादी समारोह चल रहा था, जहाँ सैकड़ों की भीड़ मौजूद थी। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आयोजन को रुकवाया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर किया। यदि आग वाटिका तक फैलती तो भारी जनहानि हो सकती थी। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है कि आग की असल वजह क्या थी।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





