गोगुंदा – राजस्थान लोक सेवा आयोग ने जैसे ही परीक्षा-2024 के परिणाम घोषित किए, क्षेत्र खुशियों से सराबोर हो गया। यहाँ के दो युवाओं ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो अभावों के बीच भी सफलता का रास्ता बनाया जा सकता है। क्षेत्र के कमोल गांव के जगदीश मेघवाल और मजावड़ी के प्रवीण मेघवाल ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में परचम लहराकर मिसाल पेश की है।
शिक्षक से अधिकारी बनने तक का सफर
जरगा आम्बा (कमोल) के निवासी जगदीश मेघवाल ने टीएसपी क्षेत्र के एससी वर्ग में तीसरी रैंक हासिल की है। जगदीश की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वे पहले से ही शिक्षा विभाग में अध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
उनके पिता भंवर लाल राजस्थान पुलिस में हैं और माता गृहणी हैं। घर में अनुशासन और सेवा का माहौल पहले से ही था, जिसे जगदीश ने नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।
जगदीश मेघवाल ने बताया कि नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई के लिए वक्त निकालना किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन विभाग के काम और अपने लक्ष्य के बीच संतुलन बनाए रखा।
पटवारी, वीडीओ और अब आरएएस
मजावड़ी गांव के प्रवीण मेघवाल ने एससी वर्ग में 8वीं रैंक प्राप्त की है। प्रवीण वर्तमान में ओटीएस जयपुर में प्रशिक्षण ले रहे। प्रवीण का संघर्ष उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो एक असफलता से टूट जाते हैं। 2021 में महज 21 अंकों से आरएएस मेंस में चूके। 2022 पटवारी के पद पर चयन, लेकिन लक्ष्य अधूरा था। बाद में काम के दबाव के बीच पढ़ाई के लिए समय निकालने हेतु ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा दी और सफल हुए।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





