
गोगुन्दा – थाना पुलिस ने करीब 10 दिन पूर्व एक 65 वर्षीय वृद्ध पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार यह पूरी वारदात दूध व्यापार में आपसी प्रतिस्पर्धा और रंजिश के चलते अंजाम दी गई थी। मामले में वांछित आरोपी मनोहर सिंह को पुलिस ने दबोच लिया है।
क्या है मामला
घटना बीते 2 अप्रैल 2026 की है। प्रार्थी हरीश पालीवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बड़े पापा शंकर लाल पालीवाल वणी गांव से दूध संग्रहण कर वापस गोगुन्दा लौट रहे थे। इसी दौरान आशापुरा होटल के पास एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोका और लूटपाट का नाटक करते हुए चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमलावरों ने वृद्ध की पीठ में चाकू घोंप दिया और उन्हें मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और खुलासा
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहान के निर्देशानुसार, थानाधिकारी श्याम सिंह चारण के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने गोगुन्दा, उदयपुर, झाड़ोल और आसपास के इलाकों के करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने इस हत्याकांड के प्रयास के पीछे की साजिश का पर्दाफाश किया।
पुलिस ने बताया कि व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता इस वारदात की मुख्य वजह रही। मुख्य आरोपी लक्ष्मण सिंह, पीड़ित शंकर लाल के बढ़ते दूध कारोबार से ईर्ष्या रखता था, जिसके कारण उसने हत्या की सुपारी दी।
एक लाख रुपये में दी थी सुपारी
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी लक्ष्मण सिंह और पीड़ित शंकर लाल दोनों दूध का व्यवसाय करते हैं। शंकर लाल का काम अच्छा चलने के कारण लक्ष्मण सिंह उससे जलने लगा था। उसने मुंबई में रहने वाले अपने साथी मनोहर सिंह से संपर्क किया और हत्या की योजना बनाई। मनोहर सिंह ने अपने संपर्कों के जरिए मनीष गमेती और उसके साथियों को वारदात के लिए तैयार किया। इस काम के लिए एक लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी।
हमले का खौफनाक तरीका
योजना के अनुसार, आरोपियों ने सुनसान रास्ता चुना और वृद्ध शंकर लाल को रोककर उन पर जानलेवा हमला किया। आरोपियों ने पीठ में चाकू इसलिए छोड़ दिया था ताकि खून लगातार बहता रहे और उनकी मृत्यु हो जाए। पुलिस ने इस मामले में पूर्व में भी गिरफ्तारियां की थीं और अब वांछित आरोपी मनोहर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस टीम का गठन
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में थानाधिकारी श्याम सिंह, हेड कांस्टेबल रघुनाथ, कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, सतीश और वीरेंद्र की अहम भूमिका रही। पुलिस अब फरार चल रहे अन्य आरोपियों मनीष गमेती और वीरेंद्र सिंह की तलाश में दबिश दे रही है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





