
गोगुंदा – ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का असर अब धरातल पर दिखने को मिल रहा हैं। क्षेत्र में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत एक पीड़ित परिवार को लंबे संघर्ष के बाद 2 लाख रुपये की क्लेम राशि प्राप्त हुई है। यह सफलता न केवल सरकारी योजना की सार्थकता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सही मार्गदर्शन से जटिल प्रक्रियाओं को सुगम बनाया जा सकता है।
मामला जोगियों का गुड़ा गांव का है। जहां छत्री बाई पत्नी नानालाल गमेती की 21 जून 2025 को एक सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई थी। इस हादसे ने परिवार को भावनात्मक और आर्थिक रूप से तोड़ कर रख दिया था। छत्री बाई प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमित थीं, जिसके आधार पर उनके परिवार ने क्लेम के लिए आवेदन किया।
बीमा राशि प्राप्त करने की राह आसान नहीं थी। आवश्यक दस्तावेजों की कमी, कागजी त्रुटियों और बैंक की जटिल औपचारिकताओं के कारण क्लेम प्रक्रिया में लटकी हुई थी। ऐसे में परिवार ने राजस्थान श्रम सारथी एसोसिएशन से मदद मांगी।
संस्था के कार्यकर्ताओं ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए दस्तावेजों की कमियों को दूर कराया और बैंक व संबंधित विभागों के साथ निरंतर फॉलोअप किया। संस्था की कार्यकर्ता ओइशी, विध्या वैष्णव और वित्तीय मित्र हीना आमेटा ने परिवार को तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर हर संभव सहयोग प्रदान किया।
निरंतर प्रयासों के बाद, 2 अप्रैल 2026 को मृतका के पति और नॉमिनी नानालाल गमेती के बैंक खाते में 2 लाख रुपये की बीमा राशि सफलतापूर्वक जमा हो गई। एसबीआई बैंक मैनेजर सत्यवीर सिंह ने पासबुक प्रिंट कर राशि प्राप्त होने की पुष्टि की हैं।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





