उदयपुर – अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, वरडा में आयोजित नो बैग डे के तहत शहर के जाने-माने चित्रकार, फोटोग्राफर एवं पूर्व आरएएस अधिकारी दिनेश कोठारी ने छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा अपनी बात निर्भीकता से रखने का संदेश दिया।
संवाद के दौरान कोठारी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज और दुनिया की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर, कालीबाई, अमृता देवी और रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि महिलाओं ने इतिहास से लेकर वर्तमान तक समाज और राष्ट्र के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ग्रामीण एवं खेतिहर महिलाओं के योगदान पर भी चर्चा करते हुए कहा कि घर-परिवार से लेकर खेती-किसानी और विभिन्न कार्यक्षेत्रों तक महिलाओं की भागीदारी अपरिहार्य है।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ शिक्षा, कला, प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज उठाना भी उतना ही आवश्यक है। संवाद के अंत में उन्होंने छात्राओं को शपथ दिलाई कि वे अन्याय और भेदभाव के विरुद्ध अपनी चुप्पी तोड़ेंगी, अपनी बात स्पष्टता से रखेंगी और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगी। उन्होंने संदेश दिया कि महिलाओं की चुप्पी ही कई बार उन्हें आगे बढ़ने से रोकती है, इसलिए अपनी बात कहना और गलत के विरुद्ध आवाज उठाना जरूरी है।
इस अवसर पर सृजनधर्मी शिक्षक एवं शिल्पकार हेमंत जोशी, विद्यालय प्रभारी संगीता चौधरी, अध्यापिका शालिनी भारद्वाज, प्राध्यापिका अपूर्वा मीणा तथा रंगकर्मी एवं नाट्य निर्देशक सुनील टांक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। विद्यालय में इस प्रकार की अनूठी पहल और संवादात्मक गतिविधि से विद्यार्थियों में खुशी की लहर रही। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को महिला सशक्तीकरण, सामाजिक भागीदारी और आत्मविश्वास का महत्त्व समझने का अवसर मिला।





