गोगुंदा – कस्बे के एनएच-27 पर बायण माता मंदिर के समीप जय बाबा रामदेव सत्संग मंडल की ओर से संचालित राम रसौड़ा रामदेवरा जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सेवा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंडल की ओर से पिछले करीब 22 वर्षों से श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। रक्षाबंधन से शुरू होने वाला यह सेवा कार्य भाद्रपद की बीज तक करीब 22 दिनों तक चलता है।
मंडल अध्यक्ष बालू बंजारा ने बताया कि राम रसौड़े की शुरुआत वर्ष 2004 में कस्बे के रामदेवजी मंदिर चौगान से हुई थी। उस समय श्रद्धालुओं की संख्या कम थी। बाद में रामदेवजी के दर्शन के लिए रामदेवरा जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी। इसके बाद वर्ष 2009 से राम रसौड़े का आयोजन एनएच-27 पर बायण माता मंदिर के समीप किया जाने लगा। तब से लगातार इसी स्थान पर श्रद्धालुओं की सेवा की जा रही है। हालांकि चौगान में भी राम रसौडा निरंतर जारी है और रात्रि में जागरण और आरती का कार्यक्रम प्रतिदिन होता है।

महंगाई बढ़ी, लेकिन निशुल्क सेवा जारी
बालू बंजारा के अनुसार शुरुआत में राम रसौड़े के संचालन पर खर्च कम आता था, लेकिन समय के साथ महंगाई बढ़ने से आयोजन का खर्च भी बढ़ गया है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंडल की ओर से निशुल्क सेवा लगातार जारी रखी गई है। यहां यात्रियों के लिए भोजन के साथ बैठने और विश्राम की भी व्यवस्था की जाती है।
पहले नामचीन कलाकार देते थे भजनों की प्रस्तुति
मंडल अध्यक्ष ने बताया कि पहले राम रसौड़े में प्रदेश के नामचीन गायक कलाकार मोइनुद्दीन मंचला, प्रकाश माली, महेंद्र सिंह राठौड़ सहित कई कलाकार बाबा रामदेवजी के भजनों की प्रस्तुतियां देते थे। अब मंडल की ओर से बाहरी कलाकारों को आमंत्रित नहीं किया जाता। स्थानीय कलाकार ही भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को धार्मिक माहौल उपलब्ध कराते हैं।
50 से अधिक कार्यकर्ता संभालते हैं व्यवस्था
राम रसौड़ा प्रतिदिन सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक संचालित होता है। करीब 22 दिनों तक चलने वाले इस सेवा कार्य में मंडल के 50 से अधिक कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में जुटे रहते हैं। सुबह से देर रात तक रामदेवरा जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था जारी रहती है।
मंडल के अनुसार इस आयोजन पर करीब 18 लाख रुपए से अधिक खर्च होते हैं। क्षेत्र के कई भामाशाह और व्यापारिक संस्थान भी स्वेच्छा से अंशदान कर इस सेवा कार्य में सहयोग करते हैं।
समापन पर निकाली जाती है शोभायात्रा
राम रसौड़े के समापन और विसर्जन के दिन कस्बे में बाबा रामदेवजी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। आयोजन की व्यवस्थाओं और प्रतिदिन के कार्यक्रमों की निगरानी में कोषाध्यक्ष शांतिलाल तेली, सचिव कालूराम गवारिया, संरक्षक नारायण प्रजापत, प्रकाश गाछा, कैलाश चौधरी, भरत कुम्हार, सुरेश कुम्हार, गोरू कुमार गाछा, देवेंद्र, लहरीलाल तेली, नितेश कुम्हार, महेंद्र प्रजापत, विष्णु प्रजापत, सुरेश, अध्यापक किशनलाल तेली, बंसीलाल तेली सहित मंडल के कई कार्यकर्ता जुटे हुए हैं।
राम रसौड़े के आयोजन में श्री आमलियाजी इलेक्ट्रोनिक्स फतेहपुरा, ललिता गोल्ड टी कंपनी एंड फास्ट फूड, गणपति कंस्ट्रक्शन, आशापुरा बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर्स, मातेश्वरी वाटर सप्लायर्स, श्री आशापुरा मेडिकल स्टोर, श्री केशव कुमार, श्री सालासर बालाजी भारत गैस, कमल टेंट हाउस, जीपी सब्जी भंडार, श्रीनाथ इलेक्ट्रिकल एंड डेकोरेशन, करधर फर्नीचर मार्ट नांदेशमा, साईंनाथ कैंटीन बड़ौदा, शीतल आरओ वाटर सप्लायर्स, श्री न्यू महाराजा कैटर्स, मातेश्वरी टेंट एंड लाइट डेकोरेशन, होटल बाबा रामदेव रेस्टोरेंट एंड भोजनालय, आदर्श सिल्वर हाउस मुंबई, आदिनाथ नमकीन एंड नागदा डेयरी फार्म सहित कई व्यापारिक संस्थान सहयोग कर रहे हैं।





