गोगुंदा – क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने और भू-माफियाओं के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की पुश्तैनी जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस षड्यंत्र में शामिल एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मामला राजस्व ग्राम जसवंतगढ़ में स्थित पुश्तैनी जमीन से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, सायरा थाना क्षेत्र के ब्राह्मणों का कलवाना निवासी परिवादिया गोमती बाई पत्नी छगनलाल जोशी ने 29 दिसंबर 2025 को गोगुंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। गोमती बाई का आरोप है कि उनकी बेशकीमती पुश्तैनी जमीन को हड़पने के लिए उनके ही अपनों ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर एक गहरा षड्यंत्र रचा।
आरोपियों ने पीड़िता की बहन दाखू बाई को फर्जी तरीके से गोमती बाई बनाकर खड़ा कर दिया। असली गोमती बाई की जानकारी के बिना, उनकी फर्जी पहचान का उपयोग कर जमीन का हक त्याग और विक्रय पत्र निष्पादित करवा दिए गए। इस धोखाधड़ी के जरिए जमीन को आरोपियों के नाम हस्तांतरित कर दिया गया।
गोगुंदा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के आरोपी देवीलाल पुत्र कालूलाल जोशी (निवासी बड़ी जोशियों की भागल) को गिरफ्तार कर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत की गुहार लगाई, जिसका पुरजोर विरोध अभियोजन पक्ष और परिवादिया के अधिवक्ता धर्मेश पालीवाल व भोपाल सिंह झाला ने किया।
अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि यह न केवल वित्तीय धोखाधड़ी है, बल्कि पहचान की चोरी और दस्तावेजी जालसाजी का गंभीर अपराध है। माननीय न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और संलिप्तता को देखते हुए जमानत प्रार्थना पत्र को सिरे से खारिज कर दिया और आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए।
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर (नंबर 02/2026) में अशोक कुमार जोशी, सुरेश चंद्र पालीवाल, विशाल जोशी, अंबालाल, देवीलाल और दाखू बाई को नामजद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी देवीलाल से पूछताछ की जा रही है और शेष फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





