गोगुंदा – क्षेत्र के गुंदाली गांव में पिछले एक सप्ताह से पैंथर के आतंक ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। आबादी क्षेत्र में पैंथर की लगातार आवाजाही और पालतू जानवरों पर बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीते सात दिनों के भीतर पैंथर ने गांव में एक बकरे और एक भैंस के बछड़े को अपना शिकार बनाया है।
ग्रामीण खुमाराम मेघवाल ने बताया कि पैंथर अब गांव के भीतर तक घुसने लगा है। कुछ दिनों पहले गेहरी लाल मेघवाल के घर के बाहर बंधे बकरे को पैंथर ने अपना निवाला बना लिया था। अभी ग्रामीण इस डर से उबर भी नहीं पाए थे कि मंगलवार शाम को पैंथर ने नानालाल गमेती के बाड़े में घुसकर वहां बंधे भैंस के बछड़े पर हमला कर उसे मार डाला। लगातार हो रही इन घटनाओं से पशुपालकों में अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोज औदित्य ने बताया कि ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर विभाग अलर्ट मोड पर है। पैंथर को पकड़ने के लिए गांव के समीप पिछले तीन दिनों से पिंजरा लगाया गया है और विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
उन्होने बताया कि गुंदाली गांव का अधिकांश हिस्सा घने जंगल से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि वन्यजीव भोजन और पानी की तलाश में अक्सर विचरण करते हुए आबादी क्षेत्र में दाखिल हो जाते हैं और पालतू पशुओं को निशाना बनाते हैं।
उन्होने बताया कि मवेशियों के नुकसान के बावजूद ग्रामीणों ने अब तक विभाग को कोई लिखित शिकायत नहीं सौंपी है। हालांकि, वन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मौखिक जानकारी मिलते ही विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगा दिया है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





