
सायरा – क्षेत्र के रावछ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बालिकाओं को साइकिल वितरण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विद्यालय प्रशासन पर स्थानीय ग्राम पंचायत प्रशासक को आमंत्रित न करने और मनमानी करने के आरोप लगे हैं। इस घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच के तालमेल की कमी को उजागर कर दिया है।
रावछ ग्राम पंचायत के निवर्तमान प्रशासक मनोहर लाल गमेती ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि बुधवार को विद्यालय में बालिकाओं के लिए निशुल्क साइकिल वितरण का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम की सूचना ग्राम पंचायत को नहीं दी गई। उन्होने में कहा कि विद्यालय स्टाफ द्वारा की जा रही इस तरह की मनमानी न केवल खेदजनक है, बल्कि यह निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रशासकों की गरिमा का अपमान भी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ब्लॉक शिक्षा विभाग ने भी इस संवादहीनता की बात को स्वीकार किया है।
दूसरी ओर विद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक औपचारिक कार्यक्रम मानने से इनकार कर दिया है। विद्यालय के अध्यापक प्रतापलाल मेघवाल ने बताया कि स्टाफ वर्तमान में नामांकन सर्वे के काम में जुटा हुआ था। और 6 बालिकाओं को सूचित किया गया था, जिनमें से 5 विद्यालय पहुंचीं।
विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण रात के समय साइकिलों के चोरी होने का अंदेशा था। चोरी के इसी डर से बिना किसी तामझाम के आनन-फानन में पात्र छात्राओं को साइकिलें सुपुर्द कर दी गईं।
उन्होने कहा कि विद्यालय में किसी भी प्रकार का बड़ा सार्वजनिक समारोह आयोजित नहीं किया गया था, जिसके लिए औपचारिक निमंत्रण की आवश्यकता हो।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





