गोगुंदा। कस्बे में मंगलवार को मानवता और जीव दया का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहाँ विद्युत विभाग में कार्यरत लाइनमैन शंकर सिंह ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से बिजली के खंभे पर घंटों से फंसे एक मासूम कबूतर की जान बचाकर सभी का दिल जीत लिया।
घटना कस्बे के व्यस्त बस स्टैंड की है, जहाँ एक कबूतर बिजली के पोल पर लगे पतंग के धागों (मांझे) में बुरी तरह उलझ गया था। करीब तीन घंटे तक वह पक्षी पंख फड़फड़ाता रहा, लेकिन धागों की पकड़ इतनी मजबूत थी कि उसका निकलना नामुमकिन था। स्थानीय निवासी सुरेश तेली ने जब इस बेबस पक्षी को देखा, तो तुरंत इसकी सूचना लाइनमैन शंकर सिंह को दी।
सूचना मिलते ही शंकर सिंह मौके पर पहुँचे। कबूतर तारों और धागों के बीच इस तरह फंसा था कि उसे सुरक्षित बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती थी। जरा सी चूक पक्षी की जान ले सकती थी।
शंकर सिंह ने बताया कि कबूतर बुरी तरह उलझा हुआ था और उसे जिंदा निकालना बहुत मुश्किल लग रहा था। लेकिन मेरा लक्ष्य उसे सुरक्षित बचाना था। पूरी सावधानी के साथ धागों को काटा गया और अंततः कबूतर को सही-सलामत मुक्त करा लिया गया।बता दें कि शंकर सिंह पिछले कई वर्षों से विद्युत विभाग में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने किसी बेजुबान की मदद की हो; वे अब तक सैकड़ों पक्षियों और छोटे जीवों को इसी तरह जीवनदान दे चुके हैं।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।
गोगुंदा। कस्बे में मंगलवार को मानवता और जीव दया का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहाँ विद्युत विभाग में कार्यरत लाइनमैन शंकर सिंह ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से बिजली के खंभे पर घंटों से फंसे एक मासूम कबूतर की जान बचाकर सभी का दिल जीत लिया।




