
उदयपुर। जिले के ओगणा थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत और उसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका पप्पी के परिजनों ने न केवल ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है, बल्कि स्थानीय पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने के लिए भारी दबाव बनाने का भी सनसनीखेज आरोप जड़ा है। दर्ज मामले के अनुसार, मृतका की माता बेकरिया निवासी जोमी बाई को 12 नवंबर 2025 को सूचना मिली थी कि उनकी पुत्री पप्पी को मारकर लटका दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने गोगुंदा मोर्चरी में शव देखा, तो पप्पी के शरीर पर कुल्हाड़ी की मूंद और पत्थरों की चोट के गहरे निशान थे। मुँह से खून निकल रहा था और गर्दन मरोड़ी गई थी, जिसके साक्ष्य (वीडियो,फोटो) परिवार के पास मौजूद हैं। वहीं पीड़ित के परिवार का सबसे चौंकाने वाला आरोप ओगणा थानाधिकारी पर है। जोमी बाई ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। उल्टा थानाधिकारी ने कहा कि जो होना था वो हो गया, अब जैसा मैं कहता हू वैसा फैसला कर लो। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों के साथ 9 लाख रुपये में राजीनामा करने का दबाव बनाया गया।
प्रार्थिया ने बताया कि जब उन्होंने तय समझौते की राशि मांगी, तो अभियुक्तों ने न केवल पैसे देने से मना कर दिया, बल्कि पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने कहा, जैसा पप्पी का हाल किया है, वैसा तुम्हारा भी कर देंगे। परिजनों ने पप्पी के पति दिलीप कुमार, ससुर नाथूराम और परिवार के अन्य सदस्यों (पिथाराम, पेमाराम, चम्पाराम, अणदा राम) के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कार्यवाही की मांग की है। न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़िता ने अब जिला पुलिस अधीक्षक, उदयपुर का दरवाजा खटखटाया है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।





