
गोगुंदा। शुक्रवार की सुबह क्षेत्र में प्रकृति का एक अद्भुत और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। देर सुबह तक घना कोहरा छाया रहा, जिसने पूरे वातावरण को एक शांत और सुरम्य सफेद ओट में ढक लिया। यह नजारा किसी हिल स्टेशन की याद दिला रहा था। सुबह की इस मखमली धुंध के बीच सूर्य और प्रकृति के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा। खेतों में खड़ी फसलें ओस की बूंदों से लदी नजर आईं। जब कोहरे के बीच से सूरज की हल्की किरणें इन बूंदों पर पड़ीं, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो प्रकृति ने फसलों को चमकते मोतियों से सजा दिया हो। वहीं सड़कों पर वाहन चालकों ने जिम्मेदारी और सावधानी रखते हुए हेडलाइट जलाकर धीमी गति का सहारा ले रहे थे।

हौसलों की गर्माहट
शुक्रवार को कड़ाके की इस ठंड में भी जनजीवन अपनी लय में नजर आया। विशेष रूप से रोजगार की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करने वाले घुमंतू परिवारों ने अपनी जीवटता को सुरक्षित रखा । नन्हें बच्चों को ठंड से बचाने के लिए एक परिवार ने तिरपाल के जरिए सुरक्षित आशियाने तैयार कर रात गुजारी।

ठंड से राहत पाने के लिए अलाव जलाकर तापते नजर आए
क्षेत्र में कोहरे और बढ़ते ठंड के असर को देखते हुए लोगों ने ठंड से निजात पाने के लिए अलाव जलाकर राहत पाने की कोशिश की। वहीं दूसरी ओर लोग चाय की टपपरियो पर गर्म स्वेटर के बिच गर्म पेय पदार्थ और गर्म समोसे खाते नजर आ रहे थे।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





