कोटा। समाज में मरणोपरांत अंगदान और नेत्रदान के प्रति बढ़ती जागरूकता की एक अनुपम मिसाल स्टेशन रोड निवासी राजपाल परिवार ने पेश की है। दानमल जी का अहाता निवासी पूर्व शिक्षिका राजरानी राजपाल के आकस्मिक निधन के पश्चात उनके परिजनों ने उनके नेत्रदान का निर्णय लेकर दो व्यक्तियों के जीवन में उजियारा भरने का संकल्प लिया।
परंपरा बन चुका है नेत्रदान – शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ. कुलवंत गौड़ ने बताया कि राजपाल परिवार में नेत्रदान अब एक पारिवारिक परंपरा का रूप लेता जा रहा है। इससे पूर्व राजरानी जी के पति स्व. हरवंश लाल और उनके देवर स्व. वेद प्रकाश राजपाल का भी मरणोपरांत नेत्रदान सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका था। एक ही परिवार से यह तीसरा नेत्रदान है, जो समाज के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी है।
संस्थाओं का सहयोग- शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र व लायंस क्लब कोटा विनायकम् के सक्रिय सदस्य मुकेश शर्मा ने बताया कि राजरानी (पूर्व शिक्षिका, बाल माध्यमिक स्कूल) के निधन की सूचना मिलते ही परिवार ने नेत्रदान की इच्छा जताई। डॉ. कुलवंत गौड़ व उनकी टीम ने मौके पर पहुँचकर नेत्रदान की प्रक्रिया को ससम्मान पूर्ण कराया। इस पुनीत कार्य में राजरानी के पुत्र राजीव राजपाल एवं समस्त शोक संतप्त परिजनों का पूर्ण सहयोग रहा। परिवार के इस साहसिक निर्णय की शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने भी सराहना की है।

कोटा। समाज में मरणोपरांत अंगदान और नेत्रदान के प्रति बढ़ती जागरूकता की एक अनुपम मिसाल स्टेशन रोड निवासी राजपाल परिवार ने पेश की है। दानमल जी का अहाता निवासी पूर्व शिक्षिका राजरानी राजपाल के आकस्मिक निधन के पश्चात उनके परिजनों ने उनके नेत्रदान का निर्णय लेकर दो व्यक्तियों के जीवन में उजियारा भरने का संकल्प लिया।



