
उदयपुर। जिला कलेक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित मिनी सभागार में जिला पर्यावरण समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में झीलों की स्वच्छता, पहाड़ियां कटने, ध्वनि प्रदूषण, प्लास्टिक से मुक्ति आदि कई विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिला कलेक्टर ने स्कूलों में प्रति शनिवार नो बैग डे के तहत विभिन्न प्रकार की पर्यावरण अनुकूल गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि उस दिन स्कूली बच्चों से वेस्ट वस्तुओं से कोई डेकोरेटिव आइटम या अन्य उपयोगी वस्तुएं निर्मित करवाई जाएं। बच्चों में पर्यावरण को स्वच्छ रखने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जाए। उन्होने पिछली तिमाही में ध्वनि प्रदूषण के दर्ज प्रकरणों एवं चालान के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि रात्रि दस बजे बाद प्रदूषक यंत्रों पर प्रभावी रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होने फतहसागर मुम्बइया मार्केट एवं रानी रोड पर पर्यटक एवं आमजन की आवाजाही से उत्पन्न कचरे से समुचित निस्तारण करने एवं झीलों को स्वच्छ रखने के समुचित उपाय करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने शहरकोट के भीतर नो व्हीकल जोन के लिए स्थानीय व्यापारियों एवं आमजन से चर्चा करने की बात कही। नगर निगम, यातायात पुलिस, परिवहन विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सर्वे कर नो व्हीकल जोन की संभावनाएं तलाशें। जिला कलक्टर ने यूडीए एवं खान विभाग के अधिकारियों को पहाड़ियों की अवैध कटाई के प्रति सतर्क रहने निर्देश देते हुए कहा कि सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में इको टूरिज्म पर भी चर्चा की गई और इस बारे में वन विभाग के अधिकारियों को नए स्थान चिन्हित कर विकसित करने को कहा गया। उप वन संरक्षक अजय चित्तोड़ा, एसीएफ सुरेखा चौधरी, यूडीए सचिव हेमेन्द्र नागर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





