
गोगुंदा। अरावली पर्वतमाला के अस्तित्व को बचाने और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ बुधवार को गोगुंदा बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजवीरसिंह झाला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने सर्वाेच्च न्यायालय के हालिया आदेश पर आपत्ति जताते हुए तहसीलदार के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया गया कि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा अरावली पर्वतमाला के संबंध में दी गई नई परिभाषा, जिसमें केवल 100 फीट की पर्वतमाला को ही अरावली की श्रेणी में रखने की बात कही गई है, पर्यावरण की दृष्टि से घातक सिद्ध हो सकती है। बार एसोसिएशन ने तर्क दिया कि इस फैसले से अरावली के एक बड़े हिस्से का संरक्षण खतरे में पड़ जाएगा। अध्यक्ष राजवीरसिंह झाला ने स्पष्ट किया कि यदि इस आदेश को वापस नहीं लिया गया, तो अधिवक्ता समाज उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। इस अवसर पर पुरुषोत्तम गोस्वामी, कुशाल सिंह, युवराज सिंह, नरेंद्र सिंह झाला, धर्मेश पालीवाल, रेखा पांडे, हिरालाल वीरवाल सहित दर्जनों अधिवक्ता मौजुद रहे।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





