Home » प्रदेश » अंता विधानसभा सीट पर उप-चुनाव में कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया 15,612 मतों से जीते

अंता विधानसभा सीट पर उप-चुनाव में कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया 15,612 मतों से जीते

राजस्थान – प्रदेश के अंता (बांरा) विधानसभा सीट पर उपचुनाव के नतीजे शुक्रवार को घोषित हुए। इस चुनाव में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया 15,612 वोटों से विजयी हुए है। निर्वाचन आयोग के अनुसार आज हुई मतों की गिनती में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार मोरपाल सुमन दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें कुल 53,959 वोट मिले। भाया को 69,571 व तीसरे स्थान पर रहे निर्दलीय नरेश मीणा को 53,800 वोट मिले। इस जीत के साथ ही राज्य विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है। राज्य की 200 सीट वाली विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी के पास इस समय 118 सीटें हैं। इसके अलावा भारत आदिवासी पार्टी के पास चार, बहुजन समाज पार्टी के पास दो और राष्ट्रीय लोकदल के पास एक सीट है।

पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रहे भाया 2023 के विधानसभा चुनाव में अंता सीट पर भाजपा के कंवर लाल मीणा से 5,861 मतों के अंतर से हार गए थे। बाद में बीजेपी विधायक मीणा को एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया तो इस सीट पर उप-चुनाव करवाया गया है।

पिछले चुनाव में भाया की हुई थी हार

अंता सीट पर कांग्रेस से प्रमोद जैन भाया को चुनावी मैदान में उतारा गया था। भाया पिछला चुनाव काफ़ी कम अंतर से हार गए थे, इस बार इस भी सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष था। बीजेपी के साथ-साथ निर्दलीय भी मैदान में थे। हालांकि भाया ने अपनी पिछली हार का बदला इस चुनाव में ले लिया है।

अंता सीट पर उपचुनाव, सीएम ने खुद किया था प्रचार

अंता सीट पर सूबे के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद प्रचार किया था. हालांकि उनका यह प्रचार काम नहीं आया है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां से बीजेपी की बुरी तरह से हार हुई है. इसके अलावा कांग्रेस की तरफ से इस सीट पर कमान सचिन पायलट ने संभाल रखी थी. उनकी तरफ से ही पूरा चुनाव प्रचार किया गया।

पूर्व सीएम ने जताई खुशी
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अंता उपचुनाव परिणामों पर खुशी जताते हुए कहा है कि इस परिणाम से राजस्थान में बन रहे माहौल का पता लग चुका है। आगामी चुनावों में कांग्रेस और बेहतर प्रदर्शन करेगी। पीसीसी में मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि बिहार चुनाव परिणामों को देखें तो वंहा हमने कई चीजें देखी जो हमारे केम्पेन में आड़े आ रही थी। वंहा महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दे दिये गए, जो हमें प्रचार के दौरान कैम्पेन के दौरान आड़े आ रहे थे। कैम्पेन चल रहा है और पोलिंग होने से ठीक पहले महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपए जा रहे हैं। राजस्थान में हमने मोबाईल फोन बांटे, लेकिन जिस दिन आचार संहिता लगी, हमने फोन बांटना बंद कर दिया था। हमने सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी उस समय बंद कर दी थी, जबकि बिहार में सब कुछ बंट रहा था। इस दौरान चुनाव आयोग चुप्पी साधे नजर आया और किसी को भी ऐसा करने से नहीं रोका। राजस्थान में सब रोक दिया था।

राहुल गांधी जो बात कह रहे हैं वो वोट चोरी यही तो है। इस तरह बिहार में चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत से बेईमानी हो रही थी। बिहार में सत्ताबल और धनबल का जो दुरुपयोग हुआ, आप हम सोच नहीं सकते। महाराष्ट्र हरियाणा चुनावों में भी ऐसे ही धनबल और सत्ताबल का दुरुपयोग हुआ। कांग्रेस के पास इस तरह धनबल दिखाने के लिए पैसा नहीं है। ऐसा होना लोकतंत्र के लिए खतरा है। एनडीए ऐसा करके चुनाव जीत जाएगी लेकिन देश के हित में कांग्रेस की विचारधारा ही सही है। आज देश को कांग्रेस की जरूरत है। ये इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए धनबल को अभी चुनाव जीतने में खर्च कर रहे हैं। पहले विपक्ष के दलों को दबाने के लिए इसे खर्च किया जा रहा था।

Pavan Meghwal
Author: Pavan Meghwal

पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

Realted News

Latest News

राशिफल

Live Cricket

[democracy id="1"]
error: Content is protected !!