जोधपुर (jodhpur)- पाली Pali जिले के बालवा Balwa के जितेंद्र मेघवाल jitendra meghwal हत्याकांड के प्रकरण में जोधपुर हाईकोर्ट jodhpur highcourt ने अभियुक्त रमेश सिंह की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है। आपको बता दे कि जितेंद्र मेघवाल की हत्या के अभियुक्त सूरज सिंह व रमेश सिंह मार्च-22 से न्यायिक अभिरक्षा में है।
जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट में इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से एडवोकेट के.एल. चौहान व विशेष लोक अभियोजक के.आर. सोलंकी पैरवी कर रहे है। आपको बता दे कि 15 मार्च 2022 को जितेन्द्र मेघवाल अपने साथी कर्मचारी हरीश कुमार के साथ बाली के राजकीय अस्पताल से मोटर साईकिल से अपने गांव बालवा जा रहा था। आरोप है कि बालवा निवासी सूरज सिंह राजपुरोहित व रमेश सिंह राजपुरोहित ने उसकी रैकी करते हुए पीछा किया व धारदार हथियार से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। उस हमले में जितेंद्र मेघवाल के कंधे, सीने, जबड़े व पेट पर 23 गंभीर चोटें आई व उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। के.एल चौहान ने बताया कि जितेंद्र मेघवाल मूंछ रखता था और मूंछों पर ताव देता था। उसकी सुंदर कदकाठी का होना व उसके द्वारा मूंछों पर ताव देना, गैरदलित सूरज सिंह व रमेश सिंह को पसंद नहीं था इसलिए वे जितेंद्र सिंह से रंजिश रखते थे। आरोपियों ने पूर्व में भी इसी बात को लेकर जितेंद्र मेघवाल के साथ झगड़ा किया था व जितेंद्र मेघवाल के परिवार ने मुकदमा दर्ज करवाया था।
जितेंद्र मेघवाल की हत्या के बाद दलित समुदायों में आक्रोश व्याप्त हो गया था। देशभर से बहुजन समाज व अम्बेडकरवादी लोगों ने बाली पहुंचकर आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। भीम आर्मी के सुप्रीमो चन्द्रशेखर आजाद रावण व भीम सेना के सुप्रीमो नवाब सतपाल तंवर के नेतृत्व में लाखों लोग पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाने के लिए बाली आए थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई दिनों तक गाँव को छावनी में तब्दील कर दिया। परिवार वालों को हथियार के लाईसेंस भी दिए। बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पाली के विशेष न्यायालय (अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण ) के समक्ष अपराध प्रमाणित मानकर चालान पेश किया, मुलजिमान गिरफ्तारी के बाद से आज तक न्यायिक अभिरक्षा में है। इस बीच मुलज़िम रमेश सिंह द्वारा तीन बार जमानत याचिका प्रस्तुत की गई लेकिन तीनों बार विशेष न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी। उसके बाद रमेश सिंह ने जमानत के लिए जोधपुर हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। उसके बाद रमेश सिंह ने दूसरी बार जमानत के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया, जिसे हाईकोर्ट ने 13 नवम्बर 2025 को खारिज कर दिया है।

मैं जोधपुर उच्च न्यायालय में पैरवी करता हूं। पीड़ित परिवार पाली जिले का है, उन्होंने मुझे पाली के विशेष न्यायालय में उनके मामले की पैरवी करने की जिम्मेदारी दी। मैं व्यस्तता के चलते पाली नहीं जाना चाहता था लेकिन पीड़ित परिवार की दशा देखकर मैंने हामी भर ली। पाली के विशेष न्यायालय में जितेंद्र मेघवाल हत्याकांड मामले की पैरवी करते हुए मैंने तीन बार जमानत याचिका का विरोध करते हुए रमेश सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में रखने की पैरवी की, तीनों बार विशेष न्यायालय ने रमेश सिंह की जमानत याचिका खारिज की। बाद में रमेश सिंह ने दो बार जोधपुर हाईकोर्ट में जमानत याचिका प्रस्तुत की, दोनों बार मैंने याचिका नामंजूर करने के लिए पैरवी की व उच्च न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी। मुलजिमान परिवार के लोग व राजपुरोहित समाज के कुछ लोग येन केन प्रकारेण गवाहों पर दबाव बनाकर अपने पक्ष में बयान कलमबद्ध करवाने का भरपूर प्रयास कर चुके है। गवाहों को मजबूत रखने के लिए मुझे कई बार पाली जाना पड़ा। मैं और के.आर. सोलंकी पुरजोर तरीके से पैरवी कर रहे हैं और मुख्य गवाह व अठारह अन्य गवाह के बयान वाक्यात पर खरे उतरते हुए अपने बयान कलमबद्ध करवाये है। हमारा प्रयास है कि जब तक मामले में न्यायालय द्वारा फैसला नहीं सुना दिया जाता तब तक मुलजिमान न्यायिक अभिरक्षा में ही रहे। – एडवोकेट के.एल. चौहान, जोधपुर उच्च न्यायालय





