
सायरा – क्षेत्र के एक गांव के लोग कई वर्षों से सड़क के लिए इस उम्मीद के साथ आस लगाए बैठे हैं कि इस सरकार ने तो चलने के लिए रास्ता नहीं बनाया लेकिन अगली सरकार तो काम करवाएंगी लेकिन इन ग्रामीणों की उम्मीद हर बार धरी की धरी रह जाती है। क्योंकि जैसे चुनाव आते हैं राजनितिक दल इन ग्रामीणों के घरों तक पहुंच कर सड़क बनाने के वादे तो कर लेते हैं लेकिन वादे केवल चुनाव तक ही सीमित रह जातें हैं।
बात कर रहे हैं क्षेत्र के गुंदाली ग्राम पंचायत में आने वाले थली का बाध पालछ गांव की जो मुख्य सड़क से तीन किलोमीटर अंदर है कुछ साल पहले यहां ग्रामीणों के लिए कच्ची सड़क बनाई गई थी लेकिन अब इस मार्ग पर चलने के लिए बड़ी मुश्किलें झेलनी पड़ती है, क्योंकि अब बारिश पुरी सड़क खस्तहाल हो चुकि हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जाने के लिए उचित सड़क नहीं होने के कारण बीमारी और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए चार लोग चारपाई के जरिए मुख्य सड़क तक ले जाते हैं। इसमें समय भी ज्यादा लगता है। गांव में करीब 80 मकान है । बारिश के दिनों स्कूल जाने वाले बच्चों को भी बड़ी समस्या होती है क्योंकि बीच-बीच में नाले और जंगल पड़ता हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य काशी तिवारी ने बताया कि थली का बांध से 26 बच्चे पढ़ने आते हैं लेकिन बारिश के दिनों में ऐ बच्चे नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि अभी विद्यालय में 122 बच्चों का नामांकन है जो आस-पास के गांवों से इसी मार्ग से होकर आते हैं। अगर सड़क बन जाएं तो नामांकन भी ज्यादा हो जाएगा।
सरपंच गोपीबाई ने बताया कि गांव के लिए सड़क की समस्या तो सालों से है। मैने भी संबंधित अधिकारीयों को भी सुचना दी थी लेकिन समस्या का सामाधान अभी तक नहीं हो पाया है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





