
उदयपुर – जिले के एक गांव में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक जंगल से भटका तेंदुआ घर में घुस गया। तेंदुए ने मां और 03 साल के बेटे पर हमला किया था। लेकिन ग्रामिणों की सूझबूझ से तेंदुए को शिकार करने में सफलता हाथ नही लगी। जिस घर में तेंदुआ घुसा उसका दरवाजा ग्रामिणों ने बंद कर दिया था लेकिन तेंदुए ने दरवाजे का एक हिस्सा तोड़कर भाग गया।
मोके पर जमा ग्रामीणों की भीड ने तेंदुए का करीब 500 मीटर तक पीछा किया। बाद में तेंदुआ एक पोल्ट्री फार्म में जा घुसा। करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने उसे बाहर निकाला गया।
बता दे कि जिले के (कुराबड़) बेमला ग्राम पंचायत के आड़ी तलाई क्षेत्र में शनिवार को बद्रीलाल मीणा के घर में अचानक एक तेंदुआ घुस गया। उस दौरान घर के आंगन में बद्रीलाल की पत्नी मंजू बाई (25) और तीन साल का बेटा रोहित खेल रहा था। तेंदुए ने दोनो पर झपट्टा मारते हुए दोनों को निचे गिरा दिया, जिससे वे घायल हो गए। बाद में मौके पर पहुंचो ग्रामिणो ने दोनों को मां-बेटे को सीएचसी कुराबड़ में भर्ती कराया गया है जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
ग्रामिणों की सूचना पर उदयपुर से वन्यजीव टीम ने पहुंचकर आठ मिनट में तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किया गया। इसके बाद टीम ने उसे सुरक्षित पिंजरे में बंद किया और इलाज के लिए उदयपुर के सज्जनगढ़ के लिए रवाना हुई। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी रामनारायण डांगी, वनकर्मी ओमप्रकाश, जयसिंह व अन्य स्टाफ, तथा कुराबड़ थाना प्रभारी प्रभुलाल मीणा सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





