
उदयपुर – जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के संघटक डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में पारंपरिक हर्षाेल्लास के साथ दीपावली पूजन एवं स्नेह मिलन समारोह का आयोजन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में कुलपति प्रो. एस. एस. सारंगदेवोत एवं विभाग की निदेशक प्रो. मंजू माण्डोत ने दीप प्रज्वलन कर माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजन के दौरान संपूर्ण परिसर में भक्तिमय वातावरण व्याप्त रहा।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. एस. एस. सारंगदेवोत ने दीपावली के पावन पर्व पर सभी संकाय सदस्यों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “दीपावली का पर्व केवल दीपों का नहीं, बल्कि यह एकता, सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है। यह हमें अंधकार से प्रकाश की ओर, नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।” उन्होंने आगे कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में दीपावली का विशेष महत्व है, और ऐसे उत्सव हमें एक-दूसरे से जोड़ते हुए सामाजिक एकता को सशक्त करते हैं।

पूजन के पश्चात विभाग में स्नेह मिलन समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें सभी संकाय सदस्यों ने आपसी संवाद एवं उत्साह के साथ एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। कुलपति प्रो. सारंगदेवोत ने सभी उपस्थित सदस्यों को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाया और सौहार्द का संदेश दिया। संस्थान की निदेशक प्रो. मंजू माण्डोत ने भी सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विभागीय एकता और पारिवारिक भावना को सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने सभी सदस्यों के सहयोग और सहभागिता की सराहना की। दीपावली पूजन के उक्त कार्यक्रम का आयोजन साहित्य संस्थान के शोध अधिकारी डॉ. महेश आमेटा के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्य डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. भारत सिंह देवड़ा, डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. प्रदीप सिंह शक्तावत, डॉ. भरत सुखवाल, डॉ. दिलीप चौधरी, दुर्गाशंकर, मुकेश नाथ, त्रिभुवन सिंह बमनिया सहित मनोज यादव उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का संचालन श्रद्धा एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा समापन पर सभी ने मिलकर दीपावली की शुभकामनाएं साझा कीं।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





