
उदयपुर– जिले के डबोक थाना क्षेत्र के मंदेरिया गांव में एक सीमेंट फैक्ट्री की खदान में चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने खदान प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। क्योंकि खदान में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है और लोगों में भारी आक्रोश है।

डबोक थाना क्षेत्र के मंदेरिया गांव स्थित में सीमेंट फैक्ट्री की माइंस में चार मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में तीन लड़के और एक बालिका शामिल हैं। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। वहीं ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सूचना के बाद मौके पर स्थानीय पुलिस की टीम पहुंची।
जानकारी के अनुसार, मंदेरिया गांव के चार बच्चे रविवार को बकरियां चराने के लिए निकले थे। इसी दौरान खेल-खेल में वे पास स्थित सीमेंट फैक्ट्री की माइंस के गड्ढे में पहुंच गए। पानी भरा होने के कारण बच्चे गहराई में डूब गए और बाहर नहीं निकल पाए। घटना के बाद मौके पर शोर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और मशक्कत के बाद चारों बच्चों के शवों को बाहर निकाला. हादसे की गंभीरता के बावजूद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के एक घंटे बाद भी माइंस का कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा. इस लापरवाही से ग्रामीणों में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर हंगामा किया।
हादसे के बाद लोगों में भारी गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि माइंस में पानी भर जाने के बाद कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते. मृतक बच्चों में लक्ष्मी गमेती (14), भावेश (14), राहुल (12) और शंकर(13) शामिल हैं। परिवार में से एक व्यक्ति को नौकरी देने और 10 लाख से अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन और माइंस के प्रतिनिधि लोगों को समझाने में जुटे हुए हैं।

लोगों ने माइंस को लेकर भारी नाराजगी जाहिर करते हुए हंगामा किया। लोगों ने कहा कि माइंस के जिम्मेदार लगातार इस तरह की लापरवाही करते हैं। माइंस की खुदाई के बाद यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए जाते हैं। लापरवाही की वजह से ही चारों बच्चों की जान गई है। वहीं घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है।
लापरवाही का लगाया आरोप
सूचना पर डबोक थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। एक साथ चार मासूमों की मौत से मंदेरिया गांव और आसपास के इलाके में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बेहाल हैं, पूरे गांव का माहौल गमगीन है। हादसे ने एक बार फिर माइंस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि माइंस में पानी भर जाने के बाद कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते हैं।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





