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मैं, की गई कार्रवाई से अंसतुष्ट हूं, हाल-ए-राजस्थान संपर्क पोर्टल

गोगुंदा (Gogunda / udaipur)- आमजन की समस्याओं व शिकायतों के निस्तारण के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल (Rajasthan Sampart Portel) की शुरूआत की गई लेकिन यहां से शिकायतों का निस्तारण होने की बजाए शिकायतें इस दफ्तर से उस दफ्तर दौड़ रही है। अंत में शिकायतकर्ता कहते है – मैं की गई कार्रवाई से अंसतुष्ट हूं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है गोगुंदा ब्लॉक के मजावद गांव का।
उपखंड क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत कुंआ व टंकी निर्माण व पाइपलाइन डालने का काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। पाइपलाइन डालने के लिए ठेकेदारों (संवेदकों) ने कई गांवों की सड़कें तोड़ डाली। प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश के बावजूद कई सड़कों को अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है।

मजावद में ठेकेदार ने तोड़ दी सड़कें, न पाइपलाइन डाली न कुएं और टंकी का निर्माण करवाया

मजावद गांव में तोड़ी गई सड़क के कारण ग्रामीण परेशान है। हाल ही में इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से की गई, जिसमें बताया कि करीब एक साल पहले ठेकेदार के लोगों ने पाइपलाइन डालने के लिए मजावद गांव के सभी मोहल्लों में सड़क को खोदा था मगर पाइपलाइन डालने के बाद सड़क को वापस ठीक नहीं किया। न तो नल कनेक्शन के पॉइंट छोड़े गए और न ही तोड़ी गई सड़क की मरम्मत की गई। केवल पाइपलाइप पर मिट्टी डाली गई, वो भी बारिश में बह गई। अब वहां से पैदल आना-जाना भी मुश्किल हो रहा है। शिकायतकर्ता अम्बिकेश मेघवाल ने सड़क को दुरुस्त करवाने के साथ पानी की टंकी का निर्माण व कुआं निर्माण का कार्य शुरू करवाने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि मजावद में ग्राम पंचायत द्वारा लाखों रुपए खर्च कर हर मोहल्ले में सीमेंट की सड़कें व नालियों का निर्माण करवाया गया था, जिन्हें तोड़कर खस्ताहाल कर दिया गया है।

                                                                             मजावद में टूटी हुई खस्ताहाल सीमेंट सड़कें

 

दफ्तर-दफ्तर दौड़ रही है शिकायत, झूठे जवाब लिख रहे है अधिकारी

5 जुलाई को मजावद के अंबिकेश मेघवाल द्वारा जिला कलेक्टर से की गई शिकायत को राजस्थान संपर्क पोर्टल पर डाला गया। जहां से 7 जुलाई को उसे गोगुंदा पंचायत समिति के बीडीओ को ट्रांसफर कर किया गया, 11 जुलाई को वो पंचायतीराज के सहायक आयुक्त को भेजी गई, उसी दिन विभाग बदलते हुए उसे उदयपुर जिला कलेक्टर को भेज दिया गया, शाम को उसे गोगुंदा के पीएचईडी विभाग के एएईएन को भेजा गया। 14 जुलाई को एईएन ने जवाब देते हुए लिखा कि संवेदक को कार्य करने के लिए पाबंद कर दिया गया है और काम चालू करवा दिया गया है। 15 जुलाई को राजस्थान संपर्क पोर्टल से प्रतिनिधि ने परिवादी अंबिकेश को विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में बताते हुए पूछा कि क्या वो की गई कार्रवाई से संतुष्ट है ? तब अंबिकेश ने कार्रवाई पर अंसतुष्टि दर्ज करवाते हुए कहा कि गांव में संवेदक ने काम शुरू नहीं किया है, संवेदक व विभाग के अधिकारी झूठ बोल रहे है। 16 जुलाई को परिवादी की शिकायत पीएचईडी के एक्सईएन को ट्रांसफर कर दी गई और वहां से उसे दुबारा गोगुंदा एईएन को भेज दिया गया। उन्होंने 17 जुलाई को दुबारा वो ही जवाब देते हुए पुनः लिखा कि संवेदक को निर्देशित कर कार्य शुरू करवा दिया गया है। 17 जुलाई को राजस्थान संपर्क पोर्टल के प्रतिनिधि ने पुनः अंबिकेश मेघवाल को कॉल कर बताया कि उसकी शिकायत का निस्तारण कर दिया गया है, क्या वो संतुष्ट है ? वहीं अंबिकेश मेघवाल ने कहा – मेरी शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाही नहीं की गई है, मैं असंतुष्ट हूं।

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Author: dailyrajasthan

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