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बकानी में बढ़ने लगा,नेत्रदान का कारवां, छठा नेत्रदान सम्पन्न

कोटा (Kota) – राजस्थान के आखिरी छोर पर स्थित, मध्य प्रदेश सीमा से लगा हुआ ग्रामीण क्षेत्र बकानी अब नेत्रदान के क्षेत्र में धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है । बता दें कि शाइन इंडिया संस्था के शहरी संयोजक भवानी मंडी निवासी कमलेश दलाल गुप्ता को अल सुबह मिली जानकारी के अनुसार चबूतरा निवासी, प्रेम दत्त गौड़ के बेटे ललित (25)का हों गया है। उन्होंने बताया कि बकानी के ज्योति मित्र धर्मेंद्र घाटिया,की समझाइश के उपरांत परिजनों ने ललित के नेत्रदान के लिए सहमति दे दी है ।

कमलेश की सूचना के पर संस्था संस्थापक, डॉ कुलवंत गौड़ बड़ौदा के प्रवास से आने के समय तक परिजनों ने अंतिम संस्कार का समय सुबह 8:00 बजे का रखा था, 2 घंटे में भारी कोहरे और दरा के ट्रैफिक जाम के कारण 2 घंटे में 130 किलोमीटर पहुंचना थोड़ा मुश्किल था ।

डॉ गौड़ ने उनसे अनुरोध किया कि,वह स्टेशन से तुरंत ही निकल रहे हैं और जितना जल्दी होता है,पहुंचने का प्रयास करते हैं, डॉ गौड़ ने छोटे भाई से कोटा जंक्शन पर ही नेत्र संकलन वाहिनी ज्योति रथ मंगवाकर, वहीं से ही खुद चला कर 8:30 बजे बकानी पहुंच गये ।

परिवार के सभी सदस्यों और क्षेत्र के 100 से अधिक लोगों के बीच में डॉ गौड़ ने नेत्रदान प्रक्रिया संपन्न की । ज्ञात हो कि,यह बकानी क्षेत्र का छठा नेत्रदान है । 25 वर्ष की कम उम्र आयु में ललित के निधन के उपरांत होने वाले नेत्रदान से संभावना है कि, प्राप्त कॉर्निया,दो से अधिक दृष्टिबाधित लोगों को लगाया जा सकेगा ।

उल्लेखनीय है कि बकानी क्षेत्र का यह छठा नेत्रदान है, वही यह पिछले 18 दिनों में बकानी से तीसरा नेत्रदान प्राप्त हुआ है, इससे पहले 20 दिसंबर को बसंती बाई वर्मा एवं सुषमा ताथेड का नेत्रदान बकानी से शाइन इंडिया फाउंडेशन के द्वारा प्राप्त किया गया था।

Pavan Meghwal
Author: Pavan Meghwal

पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।

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