उदयपुर – वीबीजीरामजी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार व आजीविका मिशन ( ग्रामीण) बिल-2025 के बारे में कांग्रेस की ओर से फैलाए जा रहे भ्रम को खत्म करने के संदर्भ में भाजपा देहात द्वारा सीए सर्किल के पास सभागार में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसे संबोधित करते हुए जनजातिय क्षेत्रीय विकास एवं गृह रक्षा कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि यह बिल ग्रामीण रोजगार की गारंटी देते हुए श्रमिकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को महानरेगा योजना के नाम के परिवर्तन से नहीं बल्कि भगवान राम के नाम से आपत्ति है। केंद्र सरकार ने इस योजना में कई बदलाव किए हैं। पहले 100 दिन का रोजगार मिलता था लेकिन अब 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। इसके अलावा पंचायत में अब विकसित भारत जीरामजी योजना के तहत पक्के निर्माण कार्य करवाए जाएंगे, इससे गांवों का तेजी से विकास होगा।
उदयपुर सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने विकसित भारत जीरामजी की विस्तृत विवेचना करते हुए कहा कि इस योजना में न्यूनतम 100 दिन थे, केंद्र सरकार ने जीरामजी के अंतर्गत रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाते हुए 125 दिन किए है। इसका प्रत्यक्ष फायदा मजदूरों को मिलेगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेवा कार्य पद्धति को बताते हुए कहा कि यह योजना सबका साथ सबका विकास को प्रतिबिंबित करती है। महात्मा गांधी ने भी राम राज्य की परिकल्पना की। उसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार यह बिल लाई है। न्यूनतम 125 दिन, डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर, साप्ताहिक भुगतान के साथ ही विलंब होने पर पेनाल्टी का प्रावधान, पारदर्शी जॉब कार्ड, बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम, रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ ही, एआई से निगरानी रखी जाएगी।
उन्होंने बताया कि हर ग्राम स्तर पर योजना बनाकर पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, गांव का 3 श्रेणियों में वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे सर्वव्यापी विकास की संभावना बढ़ती है। योजना में ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण, स्कूल, औषधालय, भंडार गृह जैसे स्थाई निर्माण की स्वीकृति भी होगी। क्षेत्रीय रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा जिससे विभिन्न क्षेत्रों से पलायन रुकेगा। केंद्र सरकार द्वारा देय को बढ़ाकर 32 प्रतिशत से 42 किया गया है। यूटी एरिया को 100 प्रतिशत अनुदान, पहाड़ी क्षेत्र को 90 प्रतिशत व अन्य क्षेत्र में 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। कृषक को खेती के समय में 7 दिन का अवकाश प्रदान किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण योजना के बारे में कांग्रेस एवं विपक्षी पार्टी द्वारा जनता में भ्रम फैलाया जा रहा है। जबकि यह योजना मनरेगा से कई गुणा अच्छी योजना है। पूर्ववर्ती सरकारों में 10 लाख से अधिक अनियमिताए व गबन की शिकायत आई।
डॉ. रावत ने यह भी कहा कि योजना में जिस तरह से बदलाव किए गए हैं, उसके बाद भ्रष्टाचार नहीं होगा लेकिन इससे पहले होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लगने से जहां-जहां पर कांग्रेस या फिर विपक्षी दलों की सरकार है। उनको भारी परेशानी हो रही है। रावत में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर निशान चाहते हुए कहा कि अब आगे भ्रष्टाचार नहीं हो पाएंगे। इसलिए वो पुरजोर तरीके से विरोध कर रही है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा सही होने से अब लोगों को रोजगार की गारंटी मिलेगी और रोजगार नहीं मिलने पर प्रत्येक माह 15 दिन का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
इससे पूर्व कार्यक्रम संयोजक घनश्याम मेनारिया ने विषय की प्रस्तावना पत्रकारों के सम्मुख रखी। अंत में जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर देहात महामंत्री ललित सिंह सिसोदिया, भाजपा उदयपुर संभाग मीडिया प्रभारी चंचल कुमार अग्रवाल व अशोक आमेटा उपस्थित थे।





