
सायरा – क्षेत्र के ग्राम पंचायत कमोल में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में खुशी की लहर तब दौड़ गयी जब एक वयोवृद्ध नाहर सिंह ने कृतज्ञता से प्रशासन को धन्यवाद दिया ।
शिविर के दौरान नाहर सिंह ने एप्लीकेशन दी की उनकी उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है जिस से उसको खाद्य सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा था और परिवार की ज़िम्मेदारियां, आर्थिक तंगी और रोज़मर्रा की परेशानियों के बीच उसका सबसे बड़ा सपना यही था कि उसे खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल जाए, ताकि परिवार को भूख और चिंता से मुक्ति मिल सके।
प्रशासन तक उसकी पीड़ा पहुंची और सही समय पर संवेदनशील अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।जाँच-पड़ताल के बाद उसका नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जुड़ गया।
इस दौरान उसकी आँखों में आँसू आ गए लेकिन इस बार दुःख के नहीं, बल्कि सुकून और खुशी के आँसू थे। अब उसे भरोसा था कि उसके बच्चों के पेट भरेंगे, और उसके घर की रसोई कभी खाली नहीं रहेगी।
यह केवल एक नागरिक की जीत नहीं थी, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता और अच्छे काम का प्रतीक थी। जिस तरह से अधिकारियों ने बिना भेदभाव और पूरी तत्परता से उसका हक दिलाया, वह प्रशासनिक कार्यशैली पर जनता का भरोसा और गहरा करता है।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





