यशवंत सालवी / उदयपुर – मेवाड़ राजपरिवार की मातृशक्ति एवं समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहीं विजयराज कुमारी के निधन के बाद शुक्रवार को उदयपुर राजमहल में उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग पहुंचे। भाजपा-कांग्रेस के नेताओं ने राजपरिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
राजस्थान सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल, पूर्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह राठौड़, विधायक फूल सिंह मीणा, उदयपुर नगर निगम के महापौर पारस सिंघवी तथा गजपाल सिंह राठौड़ सहित कई जनप्रतिनिधियों ने उदयपुर राजमहल पहुंचकर विजयराज कुमारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने विजयराज कुमारी के सामाजिक एवं पारिवारिक योगदान को याद किया और कहा कि उनका निधन मेवाड़ के लिए अपूरणीय क्षति है। राजपरिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
14 सितंबर की देर रात हुआ था निधन
विजयराज कुमारी का 14 सितंबर 2026 की देर रात 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद मेवाड़ सहित प्रदेशभर में शोक की लहर दौड़ गई थी। वे अरविंद सिंह मेवाड़ की पत्नी और डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माताश्री थीं। विजयराज कुमारी शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रही थीं। राजपरिवार से जुड़े सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निधन के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से शोक संवेदनाएं व्यक्त की थीं। 15 सितंबर को महासतिया में विजयराज कुमारी का अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में राजपरिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और बड़ी संख्या में शहरवासियों ने हिस्सा लिया।
शुक्रवार को उदयपुर राजमहल में पहुंचे नेताओं ने भी विजयराज कुमारी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए राजपरिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं दोहराईं। इस दौरान राजमहल में शोक का वातावरण रहा और श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।



