
गोगुंदा – क्षेत्र के मजाम (बगडुंदा) गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को मनरेगा श्रमिकों को समय पर रोजगार एवं मस्टररोल उपलब्ध नहीं होने की समस्या को लेकर एसडीएम शुभम भैसारे को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि राजस्व ग्राम मजाम के अंतर्गत करीब 30 श्रमिकों ने गत 27 मई को मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन आज तक समय पर मस्टररोल जारी नहीं किया गया। इससे श्रमिकों को रोजगार मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि सांगो का वेरा फला मुख्य गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित है तथा यहां के अधिकांश परिवार मजदूरी पर निर्भर हैं। रोजगार की मांग करने के बावजूद ग्राम पंचायत द्वारा कई दिनों तक मस्टररोल जारी नहीं किया
जाता है और कई बार आवेदन देने के करीब सात दिन बाद कार्य प्रारंभ किया जाता है।
ज्ञापन बताया कि एक पखवाड़े में केवल 6 से 7 दिन ही श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होती है, जिससे उन्हें पूरे माह में महज 13 से 14 दिन का ही रोजगार मिल पाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सचिव द्वारा उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि समय नहीं मिलता और यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में एलडीसी नहीं होने के कारण उन्हें विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच करवाने, श्रमिकों को तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने, नियमित रूप से मस्टररोल जारी करने तथा पंचायत में आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस दौरान भूरी लाल, गोपीलाल, राजीव, पन्नालाल, नरेश, वेणीराम, गणेश लाल, नानाराम, नारूलाल सहित भगवतीलाल मौजूद रहें।
मामले को लेकर ग्राम विकास अधिकारी शंकर स्वामी ने बताया कि नियमानुसार आवेदन प्राप्त होने पर श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायत में सभी कार्य नियमों के अनुसार एवं विधिवत तरीके से किए जाते हैं।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





