
गोगुंदा – मंगलवार को थाना पुलिस ने करीब 12 दिन पूर्व एक 85 वर्षीय वृद्ध पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी को सुलझाते हुए एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने बताया कि हमला आपसी लूट की वारदात नहीं, बल्कि व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता के चलते दी गई सुपारी का परिणाम था। पुलिस ने मामले के मुख्य सूत्रधार सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
उन्हाने कहा कि पुलिस टीम ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें वणी निवासी मुख्य साजिशकर्ता लक्ष्मण सिंह और रामा (सुखेर) निवासी टिकम चंद उर्फ टिकसा को गिरफ्तार किया गया है वही मामले मे फरार मनीष गमेती, विरेन्द्र सिंह उर्फ विजु बन्ना और मनोहर सिंह की तलाशी जारी है।
गौरतलब हैं कि 2 अप्रैल 2026 को जब सेमटाल निवासी शंकर लाल पालीवाल वणी गांव से दूध संग्रहण कर अपनी मोटरसाइकिल से गोगुंदा लौट रहे थे। इसी दौरान सुनसान रास्ते पर एक मोटरसाइकिल पर आए तीन नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोका और चाकू से ताबड़तोड़ पांच वार किए। हमले में एक चाकू वृद्ध की पीठ में ही धंसा रह गया। आरोपी उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए थे।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने जब जांच शुरू की, तो करीब 100 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के बाद परतें खुलनी शुरू हुईं। जांच में सामने आया कि पीड़ित शंकर लाल और मुख्य आरोपी लक्ष्मण सिंह, दोनों ही दूध के व्यवसाय से जुड़े हैं।
शंकर लाल पिछले कई वर्षों से वणी और सेमटाल क्षेत्र में दूध सप्लाई का काम कर रहे थे और उनका व्यवसाय काफी अच्छा चल रहा था। वहीं, आरोपी लक्ष्मण सिंह, जो 8 साल पहले महाराष्ट्र से लौटकर वणी में दूध का काम शुरू किया था, पीड़ित की सफलता से ईर्ष्या रखता था। इसी जलन में उसने शंकर लाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि लक्ष्मण सिंह ने मुंबई में रहने वाले अपने साथी मनोहर सिंह के जरिए बदमाशों से संपर्क साधा। आरोपी मनीष गमेती के साथ मिलकर हत्या का सौदा एक लाख रुपये में तय किया गया। योजना के मुताबिक, लक्ष्मण सिंह ने खुद बदमाशों को रास्ता दिखाया और वह स्थान चिन्हित किया जहां हमला करना था।
गठित टीम में झाडोल थानाधिकारी फेलीराम थानाधिकारी, एएसआई हरिसिंह, विनेश कुमार , भरत सिंह, हैड कांस्टेबल रघुनाथ, कांस्टेबल भुपेन्द्र सिंह, प्रदीप कुमार, सत्यनारायण, राजेन्द्र, विरेन्द्र, नारायण सिंह, रामस्वरूप, योगेन्द्र , सतिश, दिपेन्द्र, परमार, प्रताप सिंह , शिवसिंह सहित साइबर सैल एक्सपर्ट लोकेश रायकवाल शामिल रहें।
Author: Pavan Meghwal
पवन मेघवाल उदयपुर जिले के है। इन्होंने मैकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्टार्टअप शुरू किए। ये लिखने-पढ़ने के शौकीन है और युवा पत्रकार है। मेवाड़ क्षेत्र में पत्रकारिता कर रहे है।





